
बिच्छू डॉट कॉम। सागर जिले के गौरझामर स्थित प्राचीन दत्तात्रेय मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय के तहत रजनी कुशवाहा की मंदिर की प्रबंधक और महिला पुजारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे मध्यप्रदेश की पहली महिला पुजारी बनने का दावा कर रही हैं। मंदिर में सार्वजनिक ट्रस्ट व्यवस्था बहाल होने के बाद करीब 70 वर्षों बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोले गए और ग्रामीणों ने पहली बार सामूहिक दर्शन किए। मंदिर की स्थापना 1952 में रानी बहू द्वारा भूमि दान से हुई और 1970 में इसे ट्रस्ट का दर्जा मिला। पूर्व विधायक रतन सिंह लोधी के अनुसार, मंदिर की संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लंबे समय तक न्यायालय में संघर्ष किया गया। बाद में ओबीसी क्रांति सेना ने भी 35 दिनों तक आंदोलन चलाया। उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में मंदिर की सार्वजनिक व्यवस्था बहाल की गई। रजनी ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पदभार ग्रहण किया। मंदिर में अखंड रामायण पाठ और भजन-कीर्तन हुए। वहीं, मंदिर की भूमि और 40 वर्षों के आय-व्यय की जांच की मांग की गई है।
