
बिच्छू डॉट कॉम। अहिल्या नगरी इंदौर में नौ जून से पांच दिवसीय कृषि महाकुंभका आगाज होने जा रहा है। जिसमें ब्रिक्स कृषि कार्य समूह और सदस्य देशों के कृषि मंत्री खेती-किसानी पर मंथन करेंगे। सोमवार कों केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देश विश्व के विकासशील देशों की प्रभावशाली आवाज हैं। इन देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक उत्पादन में में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा, विश्व के करीब 58 करोड़ किसानों में से 70 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के समापन पर एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी होगा, जिसमें कृषि में भविष्य के सहयोग, अनुसंधान और साझा रणनीति का रोडमैप होगा। शिवराज सिंह ने कहा कि बैठक का मुख्य केंद्र लघु और सीमांत किसानों पर रहेगा। छोटे किसानों के सामने जोत का छोटा आकार, सीमित संसाधन और बाजार तक पहुंचं जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। मंथन इनका समाधान मिलेगा।
