
बिच्छू डॉट कॉम। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित और प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटने में लापरवाही और गड़बडिय़ां हुई हैं। सरकार ने विधानसभा में बुधवार को दिए जबाव में स्वीकार किया है कि छतरपुर जिले कई पात्र लोग मुआवजा प्रक्रिया से छूट गए थे। जनता से मिली शिकायतों के बाद जब दोबारा सर्वे कराया गया तो 638 अतिरिक्त पात्र परिवार पाए गए, जिन्हें हाल ही में मुआवजा मंजूर कर दिया गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल के जबाव में सरकार ने यह जानकारी दी है। सिंघार ने आरोप लगाया कि पुनर्वास सूची से पात्र व्यक्तियों के नाम गायब थे, मुआवजा निर्धारण में गंभीर त्रुटियां हुईं और वितरण में अनियमितता बरती गई। क्या सरकार ने शिकायतों के बाद जो दोबारा सर्वे कराया है, उसका सच क्या है? जबाव में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जो लिखित आंकड़े पेश किए।छतरपुर के बिजावर क्षेत्र में पहले केवल 3080 परिवारों को ही लाभ के योग्य माना गया था।
