किसको मिलेगी सत्ता और संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

पुलिस कमिश्नरेट

-भाजपा के लिए जून बना राजनीतिक फैसलों का महीना, इस महीने होंगे बड़े निर्णय

गौरव चौहान
/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र की सत्ता और संगठन में बड़े बदलावों की संभावनाओं के बीच जून का महीना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मप्र में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव, भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का गठन और प्रदेश मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल को लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के भीतर इस बात को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है कि कौन सा नेता दिल्ली की राजनीति में नई भूमिका निभाएगा और किन चेहरों को सरकार तथा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलेंगी।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की गतिविधियों ने इन अटकलों को और बल दिया। गत दिवस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मौजूदा राष्ट्रीय टीम के साथ संभवत: अंतिम बैठक की। इसके बाद यह माना जा रहा है कि जल्द ही भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और टीम की घोषणा हो सकती है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस नई टीम में मध्यप्रदेश के कुछ प्रभावशाली नेताओं को भी जगह मिल सकती है। इनमें प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री भी शामिल हो सकते हैं। यदि प्रदेश के मंत्रियों को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है तो मंत्रिपरिषद में रिक्तियां पैदा होंगी। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल का रास्ता खुल सकता है। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन यह प्रक्रिया राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद ही आगे बढ़ेगी। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन और सरकार से जुड़े निर्णय एक सुनियोजित रणनीति के तहत हों, ताकि विपक्ष को कोई राजनीतिक मुद्दा न मिले और कार्यकर्ताओं के बीच भी भ्रम की स्थिति न बने।
राज्यसभा के दावेदारों के नाम पर मंथन
इसी बीच राज्यसभा चुनाव ने भी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया एक जून से शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है, जबकि आवश्यकता पडऩे पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा। हालांकि पहले दिन कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही आगामी दो-तीन दिनों में अपने उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय लेंगी। राज्यसभा की सीटों को लेकर भाजपा में कई दावेदार सक्रिय बताए जा रहे हैं। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी दावेदारी और संभावनाओं को टटोल रहे हैं, जबकि कुछ नेता भोपाल में संगठन और संघ के पदाधिकारियों से संपर्क साधने में जुटे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि पार्टी संगठन और राज्यसभा चुनाव के फैसले आपस में जुड़े हो सकते हैं तथा कई नेताओं के भविष्य का फैसला इसी प्रक्रिया के दौरान होगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी नई दिल्ली में रहे। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया। आधिकारिक रूप से बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर थी, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे संगठनात्मक बदलावों और राज्यसभा चुनाव की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक के बाद खंडेलवाल ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ मध्य प्रदेश से जुड़ी राजनीतिक परिस्थितियों और राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की।
भोपाल में होगी महत्वपूर्ण बैठक
उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चर्चा की है। जानकारी के अनुसार 4 या 5 जून को भोपाल में भाजपा के वरिष्ठ निर्णयकर्ता नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है, जिसमें राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श होगा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित गोटेगांव दौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पहले निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। अब यह दौरा 9 या 10 जून को हो सकता है। माना जा रहा है कि दौरे की नई तारीख पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। कुल मिलाकर जून का महीना भाजपा के लिए केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन और सरकार दोनों में बड़े राजनीतिक फैसलों का महीना साबित हो सकता है। ऐसे में पार्टी के नेताओं की निगाहें अब दिल्ली के फैसलों पर टिकी हुई हैं।

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