इंजीनियरिंग कॉलेजों में पहले चरण में 45 हजार सीटें खाली, कंप्यूटर साइंस पहली पसंद

  • डीटीई के दूसरे चरण की कांउसिलिंग जारी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 69 हजार सीटों में से पहले चरण की कांउसिंलिंग के बाद लगभग 45 हजार सीटें खाली रह गई हैं। पहले चरण में लगभग 25 हजार सीटें ही भर पाई। अब दूसरे चरण के लिए मंगलवार को सीट आवंटित की जाएंगी। तकनीकी शिक्षा संचालनालय डीटीई के अनुसार निजी और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है। इस कारण उक्त विषय की सीटें बहुत जल्दी भर रही है। बता दें कि प्रदेश के कुल 757 इंजीनियरिंग कॉलेजों में काउंसलिंग चल रही है। पहले चरण में प्रदेश में बीटेक की कुल 69,569 सीटों की तुलना में 25,052 सीटों का आवंटन हो पाया है। इनमें से 15,903 छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर लिया है। पहले चरण में 9,183 ने सीधे प्रवेश लिया, जबकि 6,717 विद्यार्थियों ने अपग्रेडेशन के माध्यम से अपनी सीट पक्की कर ली है। पहले चरण के सीट आवंटन में कुल 15 हजार में से लगभग 7,711 विद्यार्थियों ने इस ब्रांच का चयन किया है। दूसरे स्थान पर मेकेनिकल समेत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसी नई विषयों में कुछ छात्रों ने रुचि दिखाई है।
दूसरे चरण के लिए 11,699 का पंजीयन: दूसरे चरण में डीटीई अब 12 वीं के भौतिकी, गणित और रसायन विषयों के कुल अंकों के आधार पर भी प्रवेश देगा। इसके लिए अब तक 11,699 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। इसमें सोमवार की देर शाम तक पोर्टल पर अभ्यर्थियों ने अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच की च्वाईस फिलिंग एवं लॉकिंग कर दी है। इनके वास्तविक आंकड़े मंगलवार को सीट आवंटन के बाद पता चलेगा।
आईटी कंपनी की पहली पसंद बीटेक छात्र
निजी इंजीनियरिंग संस्थान टीआईटी के प्रोफेसर और काउंसलर अजय श्रीवास्तव के अनुसार हर 10 में से 6 छात्रों की कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे पसंदीदा ब्रांच है। चूंकि इसमें अब करियर बहुत अच्छा बन रहा है। आईटी कंपनियां भी छात्रों को चयन कैंपस में ही कर लेती है। तकनीकी शिक्षा में कंप्यूटर साइंस का दबदबा बना हुआ है। हालांकि दूसरे चरण की काउंसलिंग में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के बाद भी कॉलेजों की खाली सीटें रहेंगी। कंप्यूटर साइंस के लिए भारी डिमांड है, वही कोर ब्रांच मैकेनिकल और सिविल में 80 फीसदी सीटें खाली पड़ी है। चूंकि तकनीकी शिक्षा संचालनालय डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। पहले चरण का सीट आवंटन पूरा हो चुका है।

Related Articles