
मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि मानसून केरलम में 26 मई को दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, फिर देश के दूसरे हिस्सों को कवर करने के लिए उत्तर की ओर बढ़ता है। पिछले साल मानसून 24 मई को आया था। 2025 में सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी। 30 सितंबर 2025 को मौसम विभाग ने बताया था कि पूरे देश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश (937.2 मिमी) दर्ज की गई। इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, बारिश सामान्य से 6 फीसदी कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90 से 95 फीसदी के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94 फीसदी बारिश का अनुमान दिया है। मध्य प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक देगा। केरलम में पहुंचने के बाद यह आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगा। अनुमान है कि मानसून प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर के रास्ते एंट्री लेगा।
