नर्मदा संरक्षण के लिए समाज को संस्कारित करना है: नागर

मप्र जन अभियान परिषद और नर्मदा समग्र की बैठक में इस माह प्रस्तावित जिला स्तरीय कार्यशालाओं में नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर मंथन किया गया। इस मौके पर परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि हमें नर्मदा संरक्षण के लिए समाज को संस्कारित करना होगा। उल्लेखनीय है कि आगामी 09, 16 और 23 अगस्त को नर्मदा तट पर बसे 16 जिलों में जिला स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिसमें नर्मदा संरक्षण को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में नागर ने कहा कि नर्मदा नदी को संरक्षित और संवर्धन करने के लिए समाज को संस्कारित करना होगा। पिछले 4-5 दशकों में आधुनिक विकास ने पुरातन परंपराओं को प्रभावित किया है। जिसके कारण परंपराओं का क्षरण हुआ है। वरिष्ठ समाजसेवी बृजकिशोर भार्गव ने कहा कि नर्मदा नदी का आध्यात्मिक एवं आर्थिक महत्व है। लेकिन नर्मदा के तटीय गांवों में श्रद्धा-भक्ति कोरी दिखाई देने लगी है। यह सच है कि नर्मदा को माँ मानने वाले लोग हिन्दू संस्कृति के लोग हैं।

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