मंत्रियों-विधायकों का कटिंग और धुलाई भत्ता बंद

राज्य सरकार ने प्रदेश की वित्तीय और बजटीय व्यवस्था में अब तक के सबसे बड़े फेरबदल की नींव रख दी है। आगामी 2027-28 के बजट में मंत्रियों और विधायकों के विशेष भत्तों समेत 74 बजटीय मदों पर रोक लगा दी गई है, इसमें खास मंत्रियों और विधायकों के कटिंग और कपड़े धुलाई से संबंधित भत्ते हैं। बजट से ऐसे 15 मद सिर्फ मंत्रियों और विधायकों के व्यक्तिगत और प्रशासनिक भुगतानों से जुड़े थे, इनमें त्योहार अग्रिम, भोजन भत्ता, तथा नाई का खर्चा, अनाज अग्रिम, धोबी अवकाश यात्रा, प्रतिनियुक्ति भत्ता के खर्चे थे। अब तक यदि कोई खर्चा 1 लाख रुपए तक होता था तो उसे (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पूंजीगत खर्चे यानी इस खर्च से सरकार की संपत्ति का निर्माण मान लिया जाता था, जिसे खत्म कर दिया गया है। अब 1 लाख तक का खर्च रेवेन्यू एक्सपेंडिचर रोजमर्रा में ही माना जाएगा।

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