मप्र में अब सही तौल होने पर ही मिलेगा राशन

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राशन वितरण में लंबे समय से सामने आ रही कम तौल और अनियमितताओं की शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनों को ई-पॉस मशीनों से जोड़े जाने की तैयारी शुरू हो गई है। खाद्य विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है तथा जल्द ही इसके लिए निविदा जारी की जाएगी। इसके बाद प्रदेश में सही तौल होने पर ही राशन मिलेगा। वर्तमान में प्रदेश में आधार-सक्षम स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। हालांकि कई क्षेत्रों से कम तौलकर राशन देने तथा वितरण में गड़बडिय़ों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसको सरकार ने गंभीरता से लिया है। राशन वितरण में होने वाली गड़बडिय़ों को रोकने के लिए फुल प्रूफ व्यवस्था बनाई जा रही है।
ई-पॉस से जुड़ेंगी डिजिटल तौल मशीनें
नई प्रणाली में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सीधे ई-पॉस मशीन से जुड़ी होगी। इससे जितना खाद्यान्न तौला जाएगा, उतना ही डेटा स्वत: ई-पॉस मशीन में दर्ज होगा। यदि निर्धारित मात्रा से कम तौल की जाती है तो मशीन वितरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देगी। इससे राशन वितरण में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिलने की गारंटी मजबूत होगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि राशन दुकानों की निगरानी को भी आसान बनाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण वितरण प्रक्रिया का ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकेगा और किसी भी शिकायत की स्थिति में तत्काल जांच संभव होगी।
हितग्राहियों की परेशानी होगी दूर
नई तकनीक का लाभ केवलकम तौल रोकने तक सीमित नहीं रहेगा। वर्तमान में अनेक लाभार्थियों, विशेषकर बुजुर्गों और मेहनतकश मजदूरों को फिंगरप्रिंट मिलान नहीं होने के कारण राशन प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सरकार अब इस समस्या के समाधान के लिए आई-स्कैनर तकनीक को भी बढ़ावा दे रही है। इससे ऐसे हितग्राहियों को राहत मिलेगी जिनके अंगूठे के निशान बार-बार मशीन में सत्यापित नहीं हो पाते।

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