कपास पर लगने वाली मंडी शुल्क में पचास फीसदी की कमी

  • मोहन सरकार ने दी कपास उत्पादक किसानों को राहत
  • गौरव चौहान
कपास

मप्र सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देने का फैसला किया है, लेकिन इसके साथ ही प्रदेश के अन्य किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डाल दिया है। मंत्रिपरिषद ने कपास पर लगने वाली मंडी फीस को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि अन्य फसलों पर मंडी शुल्क 1 रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये करने को मंजूरी दे दी है। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से उसे सालाना करीब 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
सरकार का तर्क है कि महाराष्ट्र में कपास पर कम मंडी शुल्क होने के कारण सीमावर्ती जिलों के किसान अपनी उपज वहां बेचने लगे थे। इससे प्रदेश की जिनिंग मिलों और स्थानीय कारोबार पर असर पड़ रहा था। इसी वजह से कपास पर शुल्क घटाने का निर्णय लिया गया है। इससे कपास उत्पादक किसानों को कुछ राहत मिलेगी और स्थानीय उद्योगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि दूसरी ओर सवाल यह उठ रहा है कि कपास उत्पादकों को दी गई राहत की भरपाई क्या दूसरे किसानों से की जाएगी? प्रदेश में गेहूं, सोयाबीन, चना, धान और अन्य फसलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में मंडी शुल्क में 50 पैसे की वृद्धि का सीधा असर इन किसानों पर पड़ेगा। सरकार भले ही इसे मामूली बढ़ोतरी बता रही हो, लेकिन बड़े पैमाने पर होने वाली कृषि उपज के कारण किसानों की जेब से निकलने वाली राशि काफी अधिक होगी।
अतिरिक्त आय से होगा मंडी अधोसंरचना का विकास
कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त आय का उपयोग किसान सडक़ निधि, कृषि अनुसंधान और मंडी अधोसंरचना के विकास में किया जाएगा। यदि यह राशि वास्तव में कृषि क्षेत्र में खर्च होती है तो इसका लाभ किसानों को लंबे समय में मिल सकता है। लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए विपक्ष और किसान संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का उपयोग किस प्रकार किया जाता है। बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। उर्वरक वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे ताकि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला भी लिया गया है। इसके अलावा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और मार्कफेड को आगामी खरीफ एवं रबी उपार्जन के लिए 8,600 करोड़ रुपये की नि:शुल्क शासकीय गारंटी देने की मंजूरी दी गई है। इससे समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर सरकार ने एक ओर कपास उत्पादकों को राहत देकर कृषि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर अन्य फसलों पर मंडी शुल्क बढ़ाकर अतिरिक्त संसाधन जुटाने का रास्ता चुना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि किसानों को राहत अधिक महसूस होती है या बढ़े हुए शुल्क का बोझ।
भोपाल मेट्रो की लागत बढ़ी
भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने इसकी बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। अब भोपाल मेट्रो परियोजना पर कुल 10,033 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत करीब 6 हजार 241 करोड़ रुपए थी, जो अब बढकऱ 10,033 करोड़ रुपए हो गई है। परियोजना को गति देने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि अगले दो सालों में परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।
पीएम सूर्य घर योजना के बेहतर परिणाम
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री काश्यप ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के परिणाम लगातार उत्साहजनक मिल रहे हैं। सरकार अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है।
पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल में गरीबी कम होने और विकास कार्यों में तेजी आने पर भी चर्चा हुई। इधर, बैठक के दौरान राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने प्रदेश के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक से पहले मंत्री उदय प्रताप सिंह और मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

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