- एमपी सरकार का बड़ा फैसला…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश में अब पुलिस और होमगार्ड की सेवा दे रहे कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान शहादत पर उनके परिजनों को ग्रेजुएशन की पढाई के लिए सरकार हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सीट रिजर्व करेगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था में तय किया गया है कि अगर किसी शहीद की पत्नी या उसके पुत्र या पुत्री को ग्रेजुएशन की पढाई करनी है तो ऐसे लोगों के लिए हर पाठ्यक्रम में कम से कम एक सीट रिजर्व रखी जाएगी और उन्हें एडमिशन दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रवेश मार्गदर्शिका 2026 27 में एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण करना अनिवार्य है। यह अतिरिक्त सीट प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में आरक्षित रखी जाएगी। इसमें पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के शहीदों की विधवा और उनके आश्रित बच्चों के लिए रिजर्वेशन दिया जाएगा। आयुक्त उच्च शिक्षा ने कहा है कि हर स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीट के अलावा एक सीट सुपरन्यूमेरेरी सीट बनाई गई है। यह सीट नियमित सीट्स की संख्या को प्रभावित नहीं करेगी यानी प्रवेश के लिए जितनी सीट्स पहले से तय हैं उनकी संख्या में कोई कमी नहीं होगी। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा है कि यह निर्णय शहीद कर्मियों के परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का संवेदनशील एवं सराहनीय कदम साबित होगा।
पात्र उम्मीदवार नहीं तो खाली रहेगी सीट
उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि जो अतिरिक्त सीट तय की गई है उसमें केवल ऐसे उम्मीदवार पात्र होंगे जो पुलिस, होमगार्ड या नागरिक सुरक्षा के शहीद की विधवा या उनके आश्रित पुत्र या पुत्री होंगे। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी घोषित किए गए गृह विभाग या अन्य संबंधित विभाग द्वारा जारी आश्रित होने का प्रमाण पत्र और अन्य सामान्य प्रवेश संबंधी दस्तावेज लिए जाएंगे। ऐसे उम्मीदवार को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर अलग कैटेगरी या विकल्प के माध्यम से आवेदन करना होगा। हर पाठ्यक्रम में अधिकतम एक अतिरिक्त सीट ही इसके लिए दी जा सकेगी। यदि एक से अधिक पात्र अभ्यर्थी हैं तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा। यदि किसी पाठयक्रम में पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होता है तो सीट रिक्त रखी जाएगी। यह सीट किसी अन्य श्रेणी या अभ्यर्थी को आवंटित नहीं की जाएगी।
