- इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास, सडक़, कृषि, पुलिस और पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। बैठक के बाद मंत्री उदय प्रताप सिंह ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल से विदिशा मार्ग को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इसके साथ ही इछावर के औरखेड़ी में सोयाबीन अनुसंधान के लिए जमीन नि:शुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए सरकार इछावर के औरखेड़ी में अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च को भूमि नि:शुल्क आवंटित की जाएगी। यहां सोयाबीन पर शोध के साथ किसानों को नई तकनीक और उत्पादन से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को अनुसंधान का सीधा लाभ पहुंचाना है। मंत्री ने बताया कि भोपाल से विदिशा मार्ग को चार लेन करने की परियोजना की लागत पहले 1467 करोड़ रुपए थी, जिसे बढ़ाकर करीब 1617 करोड़ रुपए किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिए नवीन मल्टीप्लिकेशन फैक्टर की लागत में करीब 140 करोड़ रुपए की वृद्धि के बाद परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 1757 करोड़ रुपए हो गई है। सडक़ के साथ शोल्डर का निर्माण भी किया जाएगा। यह परियोजना 17 वर्ष की होगी। सरकार का मानना है कि भोपाल और विदिशा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से दोनों शहरों के साथ आसपास के क्षेत्रों को भी बाजार मिलेगा। इससे उद्योग, होटल और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके तहत भोपाल को आसपास के शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। विदिशा को भी बेहतर सडक़ संपर्क देने की योजना है। मंत्री ने बताया कि भोपाल बायपास से दो वर्षों में करीब 145.87 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ है। औसतन करीब 77 करोड़ रुपये सालाना टोल वसूला गया। कैबिनेट ने टोल संग्रह की अनुमति 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक यानी करीब पांच साल के लिए दी है।
दूध उत्पादन 20 फीसदी का लक्ष्य
सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों और पशुपालकों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार वनोपज समितियों के लाभांश को लेकर भी आगे बढ़ रही है। मंत्री ने कहा कि वनोपज से मिलने वाला लाभांश स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
