मध्यप्रदेश के पांच शहरों में चलेंगी 587 ई-बस

  • दस किलोमीटर सफर का किराया मात्र 15 रुपए होगा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन जल्द ही नियमित रूप से शुरू होगा। वर्तमान में इन बसों का परीक्षण भोपाल की प्रमुख सडक़ों पर किया जा रहा है। शुरुआती चरण में शहर के 10 प्रमुख मार्गों पर इनका कमर्शियल परिचालन शुरू किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बेहद किफायती दरों पर वातानुकूलित और आरामदायक सफर की सुविधा प्रदान करना है। इन आधुनिक इलेक्ट्रिक एसी बसों में सफर के लिए यात्रियों को जेब हल्की नहीं करनी पड़ेगी। शुरुआती दरें प्रति किलोमीटर मात्र 1.50 रुपए तय की गई हैं, जबकि न्यूनतम किराया केवल 7 रुपये रखा गया है। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई यात्री 10 किलोमीटर की दूरी तय करता है, तो उसे महज 15 रुपए का भुगतान करना होगा। यह दरें आम नागरिक के लिए रोजाना के सफर को बेहद किफायती बनाती हैं।
5 शहरों को मिलेगा लाभ
केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस परियोजना का क्रियान्वयन एक निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 20 ई-बसें भोपाल की सडक़ों पर उतरेंगी, जिनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाकर 100 और फिर 200 तक की जाएगी। केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चार अन्य बड़े शहरों इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कुल 587 ई-बसों को चलाने की योजना है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार बसों की चार्जिंग, रखरखाव और स्टाफ का संपूर्ण खर्च संबंधित ऑपरेटिंग कंपनी ही उठाएगी, जिसके बदले सरकार कंपनी को 58.17 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगी।
बैठक व्यवस्था-पूर्णतः एयर-कंडीशंड इन बसों में 25 यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है।
दिव्यांगजनों के लिए सुविधा: व्हीलचेयर से आने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए बसों में विशेष हाइड्रोलिक डोर और आरक्षित स्थान का प्रावधान किया गया है।
स्वचालित दरवाजे: सुरक्षा के दृष्टिकोण से बस में दो ऑटोमैटिक गेट दिए गए हैं। जब तक ये दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होंगे, बस आगे नहीं बढ़ेगी।
सुरक्षा एवं इमरजेंसी: बस के भीतर 8 सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए खिड़कियों के पास इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम लगाया गया है।
15 रुपये में तय होगी 10 किमी की दूरी
इन आधुनिक इलेक्ट्रिक एसी बसों में सफर के लिए यात्रियों को जेब हल्की नहीं करनी पड़ेगी। शुरुआती दरें प्रति किलोमीटर मात्र 1.50 रुपये तय की गई हैं, जबकि न्यूनतम किराया केवल 7 रुपये रखा गया है। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई यात्री 10 किलोमीटर की दूरी तय करता है, तो उसे महज 15 रुपये का भुगतान करना होगा। यह दरें आम नागरिक के लिए रोजाना के सफर को बेहद किफायती बनाती हैं।
भाजपा में इन प्रमुख रूटों पर दौड़ेंगी ई-बस
रूट दूरी (किमी)
सूखी सेवनिया से भोजपुर 49.0 किमी
अटल बिहारी विवि से आरआरएफ कैंप बगरोदा 50.6 किमी
अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बीडीए कॉलोनी 32.0 किमी
अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बिलकिसगंज 41.8 किमी
परवलिया सडक़ से औबेदुल्लागंज 56.8 किमी
सीहोर से रातापानी 68.5 किमी
सीहोर से कटारा बायपास तिराहा 53.7 किमी
कोच फैक्ट्री से औबेदुल्लागंज 41.3 किमी
फंदा से मंडीदीप 65.3 किमी
बिलखिरिया से सीहोर 61.5 किमी

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