
- यूनिट्स से ऑनलाइन मांगा रिकार्ड
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में हाल ही में इंस्पेक्टर से डीएसपी के पद पर प्रमोट हुए 150 अफसरों के लिए अब कामकाज का दायरा और तरीका दोनों बदलने जा रहे हैं। राच्य पुलिस सेवा के राजपत्रित अधिकारी बन चुके इन अफसरों की अब सालाना गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) को लेकर पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सभी जिलों और संबंधित यूनिट्स से इन अधिकारियों का पूरा डाटा मांगा गया है। गृह विभाग ने कुछ समय पहले ही महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए विभिन्न शाखाओं के 150 निरीक्षकों को डीएसपी पद की सौगात दी थी। इस सूची में जिला बल से सबसे ज्यादा 98 इंस्पेक्टर प्रमोट हुए थे। इसके अलावा एसएएफ (सशस्त्र बल) से 33, आरआई (रक्षित निरीक्षक) से 12, स्पेशल ब्रांच (विशेष शाखा) से 6 और फिंगरप्रिंट ब्यूरो से 1 इंस्पेक्टर को मिलाकर कुल 150 अधिकारियों को प्रमोट किया गया था।
गृह विभाग के पास रखी जाएगी ऑनलाइन एसीआर
नियमों के मुताबिक, जब तक ये अधिकारी इंस्पेक्टर के पद पर थे, तब तक इनका प्रशासनिक और गोपनीय रिकॉर्ड स्थानीय स्तर या संबंधित विंग्स के पास रहता था। लेकिन अब जैसे ही ये पदोन्नत होकर राज्य पुलिस सेवा के राजपत्रित अधिकारी (गैजेटेड ऑफिसर) बने हैं, इनका स्टेटस पूरी तरह बदल गया है। राजपत्रित अधिकारियों की एसीआर लिखने और उसका रखरखाव करने का अधिकार अब पुलिस मुख्यालय के बजाय सीधे गृह विभाग के पास आ गया है। नई व्यवस्था के तहत इन सभी 150 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की ऑनलाइन गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) तैयार की जानी है। चूंकि अब इनकी फाइलें सीधे शासन स्तर पर चलेंगी, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और अन्य संबंधित इकाइयों के प्रमुखों को पत्र भेज दिया है।
