- सफाई कर्मियों को दिवाली का तोहफा: दैनिक वेतनभोगी होंगे परमानेंट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सफाई कर्मियों के प्रतिनिधि मंडल ने यादव से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सफाईकर्मी काम पर वापस लौटे और कुछ क्षेत्रों में सफाई का काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सफाई कर्मियों की वेतन वृद्धि और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी करने का रास्ता साफ हो गया है। सफाई कर्मचारियों को 20 हजार रुपये महीने तक मिल सकते हैं।
एक महीने में प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन
जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मियों को स्थायी करने की प्रक्रिया एक महीने में पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल सफाईकर्मियों को करीब 10,500 रुपये वेतन मिल रहा है। कर्मचारी इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग कर रहे थे।
शिवपुरी और विदिशा में भी दिखा असर: भोपाल के अलावा शिवपुरी, विदिशा और सिरोंज समेत कई अन्य जिलों में भी सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा था। सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा को खुद सडक़ पर उतरकर झाड़ू लगानी पड़ी थी। अब हड़ताल खत्म होने और सरकार द्वारा मांगें माने जाने के बाद दीवाली से पहले शहरवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
हम हर एक कर्मचारी के साथ हैं- मुख्यमंत्री
सफाई कर्मियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। हम हर एक कर्मचारी के साथ हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों को लेकर हमारी सरकार का बड़ा मन है, हम सबको जोडक़र काम करेंगे। दरअसल, अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में सफाईकर्मी 10,500 रुपये वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये महीने करने समेत चार मांगों को लेकर तीन दिन से हड़ताल पर थे। इससे शहर की सडक़ों पर कचरे का ढेर जमा हो गया। इतना ही नहीं सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी। इससे कई क्षेत्रों में पानी का संकट हो गया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि सीएम के समक्ष कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, अनुकंपा नियुक्ति और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मुख्य समस्याएं रखी गईं। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है, जो एक माह के भीतर चार प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी।
तीन दिन की हड़ताल से सडक़ों पर जमा हुआ 2,550 टन कचरा
वेतन बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर सफाईकर्मियों ने तीन दिन तक हड़ताल की थी। इस दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और सडक़ों पर करीब 2,550 टन कचरा जमा हो गया था। सफाईकर्मियों की चार प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि और नौकरी को स्थायी करने जैसे मुद्दे शामिल थे। अब विनियमितीकरण और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के आश्वासन से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उच्चस्तरीय कमेटी इन मांगों पर लेगी निर्णय
– सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण।
– जिन दैनिक वेतन भोगी (दैवेभो) कर्मचारियों की सेवा के 10 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें विनियमित करना।
– जो कर्मचारी 10 वर्ष की समय-सीमा के दायरे में नहीं आते, उनका मासिक वेतन बढ़ाकर 18 से 19 हजार रुपये किया जाना।
– दिवंगत कर्मचारियों के पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करना।
– ठेका प्रथा को समाप्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को विधिवत प्रस्ताव भेजा जाना।
