- सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा के बीच टीईटी पर सुस्ती

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश के एक लाख से अधिक शिक्षकों के सामने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की चुनौती है, लेकिन परीक्षा के लिए आवेदन करने की रफ्तार धीमी है। अब तक केवल 34 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। यानी पात्रता परीक्षा देने वाले शिक्षकों में से करीब एक तिहाई ने ही फॉर्म भरा है। इधर, स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी में जुटे हैं। परीक्षा की तारीख दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में घोषित किए जाने की संभावना है।
टीईटी को लेकर सबसे बड़ी चुनौती शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाना है। प्रदेश में एक लाख से अधिक शिक्षकों को यह परीक्षा देनी है, लेकिन अब तक करीब 34 हजार आवेदन ही जमा हुए हैं। ऐसे में शेष शिक्षकों को आवेदन और परीक्षा की तैयारी के लिए समय देना विभाग के सामने चुनौती है। लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों के मुताबिक, जिन शिक्षकों ने आवेदन किया है, वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी कर रहे हैं। शिक्षकों की मदद के लिए समर्थ पोर्टल पर पूरा पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों को भी शिक्षकों को परीक्षा पैटर्न और तैयारी संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन होगी परीक्षा
पहले टीईटी परीक्षा ऑनलाइन कराने की तैयारी थी, लेकिन शिक्षकों की मांग पर सरकार ने इसे ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। शुक्रवार को भी अधिकारियों के बीच इस संबंध में संवाद हुआ।
2028 तक पास करने की समयसीमा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक शिक्षकों को 28 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। सरकार का प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा से पहले सभी शिक्षक परीक्षा पास कर लें। इसके लिए परीक्षा दो चरणों में कराने की योजना है। पहले चरण के बाद जो शिक्षक शेष रह जाएंगे, उन्हें दूसरे चरण में मौका दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों की तैयारी तेज
दिसंबर में प्रस्तावित परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलों में प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। केंद्रों पर शिक्षकों की सुविधा का ध्यान रखने के साथ प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को भी पारदर्शी बनाने की तैयारी है। लोक शिक्षण संचालनालय के कमिश्नर अभिषेक सिंह के मुताबिक, परीक्षा कराने की पूरी तैयारी है। दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा की तारीख घोषित कर दी जाएगी।
