भाजपा की कार्यसमिति का बढ़ेगा दायरा

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  • मंत्री, सांसद और विधायक बनेंगे विशेष आमंत्रित सदस्य

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को और व्यापक बनाने की तैयारी में है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक अब अगस्त में आयोजित होगी। इससे पहले पार्टी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम-मंडल पदाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करेगी। पार्टी का मानना है कि इससे सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा आगामी चुनावों की तैयारियों को गति मिलेगी।
जुलाई में ओरछा में प्रस्तावित कार्यसमिति बैठक दतिया विधानसभा उपचुनाव और विधानसभा के मॉनसून सत्र के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब चुनावी व्यस्तताएं समाप्त होने के बाद संगठन इसे अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।
100 से अधिक विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे शामिल
भाजपा सूत्रों के अनुसार विधानसभा के मॉनसून सत्र के बाद विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची जारी की जाएगी। इनमें मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, निगम-मंडल पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया जाएगा। अनुमान है कि विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या 100 से अधिक होगी। दरअसल, हाल ही में गठित प्रदेश स्तरीय समितियों में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल नहीं हो पाए थे। अब संगठन उन्हें निर्णय प्रक्रिया से जोडऩे के लिए विशेष आमंत्रित सदस्य का दर्जा देगा, ताकि संगठनात्मक बैठकों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
चुनावी रणनीति होगी बैठक का मुख्य एजेंडा
अगस्त में प्रस्तावित दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक को भाजपा आगामी चुनावों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। बैठक में विशेष रूप से जिन विषयों पर मंथन होगा, उनमें  नगरीय निकाय चुनाव की रणनीति, पंचायत चुनाव की तैयारी, बूथ सशक्तिकरण अभियान, सदस्यता अभियान की समीक्षा, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति और सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय शामिल हैं। बैठक में प्रदेशभर से आने वाले कार्यसमिति सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों पर अपने सुझाव भी देंगे।
बूथ प्रबंधन रहेगा सबसे बड़ा फोकस
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत नींव बूथ स्तर का संगठन है। इसी कारण बैठक में बूथ प्रबंधन, पन्ना प्रमुख व्यवस्था, सक्रिय कार्यकर्ता नेटवर्क और जनसंपर्क अभियान को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रदेश भाजपा पहले ही 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति का गठन कर चुकी है। इसके अतिरिक्त 41 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। नई कार्यसमिति में लगभग 35 महिला नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
संगठन और सरकार के बीच समन्वय पर जोर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि सरकार और संगठन के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाना भी है। आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन अब अपने सभी प्रभावशाली नेताओं और जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना चाहती है। इससे पार्टी की चुनावी तैयारियों और जमीनी संगठन दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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