
बिच्छू डॉट कॉम। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में तबादलों एक ऐसा मॉडल चल रहा है, जहा मदस्थापनाएं योग्यता से नहीं बल्कि बाली से तय होती हैं, फाइलें नियमों से नहीं बल्कि रेट-लिस्ट से चलती हैं और तबादले प्रशासनिक आदेश न रहकर व्यापारिक अनुबंध में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि मध्य प्रदेश में सरकार चल रही है या नीलामी, फाइल चल रही है या बोली और प्रशासन काम कर रहा है या कारोबार। पटवारी ने कथित ट्रांसफर इंडस्ट्री की न्यायिक जांच कर सच जनता के सामने लाने की मांग की है। कांग्रेस ने आने वाले दिनों में इस विषय को जनआंदोलन का रूप देकर सरकार से जवाब मांगने का अभियान चलाने के संकेत भी दिए हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने रविवार को भोपाल में हवन-पूजन कर भगवान से प्रार्थना की कि इस बार री-नीट परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो तथा किसी भी प्रकार का पेपर लीक या अनियमितता न हो। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि पिछली बार हुए पेपर लीक के बावजूद सरकार शिक्षा माफियाओं और पेपर लीक में शामिल दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। इससे अभिभावकों का भरोसा टूट गया है।
