
बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनावों के लिए एक जून को नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। कांग्रेस अपनी एक सुनिश्चित सीट को लेकर ज्यादा सतर्क है उसे क्रास वोटिंग का डर सता रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की इस मुद्दे पर दो दिन बाद केंद्रीय नेतृत्व के साथ फिर मुलाकात तय हुई है। संगठन ने दो सीट के लिए कुछ नामों की पैनल दिल्ली भेजा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तीसरी सीट पर भाजपा अभी अपने पत्ते नहीं खोलेगी। उसे कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार है। कांग्रेस प्रत्याशी का नाम सामने आने के बाद ही तीसरी सीट को लेकर पार्टी अपनी रणनीति स्पष्ट करेगी। दावेदारों में अभय महाजन, कैलाश विजयवर्गीय, अरविंद भदौरिया, लाल सिंह आर्य और नरोत्तम मिश्रा के नामों की चर्चा है। इधर, सुमेर सिंह सोलंकी दूसरा कार्यकाल के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। संख्या बल के हिसाब से भाजपा को दो सीटों के लिए 116 वोटों की जरूरत है जबकि उसके पास कुल 164 विधायक हैं मतलब 48 वोट ज्यादा। कांग्रेस के पास 62 का संख्या बल है लेकिन राज्यसभा की सीट उनकी एकजुटता पर निर्भर है। यही कारण है कि कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को प्रत्याशी बनाए जाने पर विधायकों के एकजुटता की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
