नि:संतानता से मुक्ति के लिए सरकार स्थापित करेगी आईवीएफ सेंटर

  • सीएम ने कहा- प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेशवासियों के विकास, उनके जीवन स्तर में सुधार करना और जन-जन के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग अपनी सार्थकता को स्थापित करें। विभाग अपने कार्य क्षेत्र की कठिनाइयों और चुनौतियों को चिन्हित करते हुए, सकारात्मक भाव से उनका निराकरण करें। विभाग और जिले जिन क्षेत्रों में पीछे हैं, उनमें सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना हमारा प्रयास हो। जनहित में किए जाने वाले सभी नवाचारों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित नोडल विभागों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक में बताया गया कि नर्मदा समग्र मिशन की स्थापना के संबंध में नोडल विभाग/स्पेशल सेल के गठन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय लोगों को जागरूक कर नर्मदा समग्र अभियान से जोड़ा जाए। जीवनदायिनी मां नर्मदा मध्य प्रदेश की लाइफलाइन है। अमरकंटक स्थित नर्मदा उद्गम स्थल सहित सभी प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने की आवश्यकता है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य बना रहे और सीमेंट क्रांकीट के पक्के निर्माण कम हो, इसके लिए उद्गम स्थलों से दूर सुव्यवस्थित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा समग्र मिशन से जुड़े सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को माह के पहले सोमवार को बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर की जाए समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीष्मकाल में नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गर्मी के मौसम में सभी को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर समीक्षा की जाए। जल संरक्षण के लिए कार्य करने में जन सामान्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि अपने ग्राम और वार्ड की बेहतरी के लिए कार्य करने के इच्छुक व्यक्तियों को ‘’जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’’ का अभियान चलाये और उन्हें जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ा जाए। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल संरक्षण गतिविधियों को अभियान का रूप दिया जाए।
बैठक में पीएचई, नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ग्रीष्मकाल में विभाग की तैयारियां वॉटरशेड मिशन की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के किसी बसाहट में वर्तमान में जल परिवहन की आवश्यकता नहीं है। नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग नलजल योजना पर तेजी से कार्य कर रहा है।
स्वामित्व योजना में महिलाओं के नाम से कराई जाए रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री के कार्य का लाभ प्रदेश के सभी ग्रामवासियों को दिलवाने के लिये अभियान के स्वरूप में संचालित किया जाए। लोकहित के  इस  कार्य में जनप्रतिनिधियों- पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना में महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को जमीन के नि:शुल्क पट्टे वितरित किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाना आवश्यक है। कलेक्टर समय सीमा निर्धारित करते हुए पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता से कार्य करें। इससे ग्रामीण क्षेत्र से शहरों में हो रहे पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्र से सटे गांवों के लिए प्रक्रिया का क्रियान्वयन क्षेत्र का नियोजन कर किया जाए। इससे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण में मदद मिलेगी और स्थानीय निवासियों को स्कूल, खेल के मैदान, मूलभूत आवश्यकताओं की दुकानों और धर्मशालाओं जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
होमगार्ड बल का क्षमता संवर्धन होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल महालोक के प्रबंधन के लिए मंदिर समिति द्वारा होमगार्ड की व्यवस्था की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों पर भी होमगार्ड के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे होमगार्ड बल का क्षमता संबर्धन भी होगा, जिसका उपयोग प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला पर्यटन परिषदों को भी जिला स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहभागी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न समाजों और संस्थाओं द्वारा बनाई जाने वाली धर्मशालाओं में राज्य शासन सहयोग प्रदान करें, इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने वाले गरीब वर्ग को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत उज्जैन के दताना मताना हवाई पट्टी के स्थान पर 2700 मीटर लंबी नवीन हवाई एवं एयरपोर्ट निर्माण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए आवश्यक भू अर्जन की प्रक्रिया जारी है।

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