विजय की सरकार बनने पर अब भी फंसा पेंच

विजय
  • राज्यपाल ने टीवीके को तीसरी बार लौटाया

एजेंसी/चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर चल रहा सस्पेंस शुक्रवार को और गहरा गया। अभिनेता से नेता बने तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष सी जोसेफ विजय की ताजपोशी एक बार फिर टल गई है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्योता देने से इनकार कर दिया। राज्यपाल का कहना है कि विजय के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत का अभाव है। सियासी अनिश्चितता के बीच विजय शुक्रवार शाम चेन्नई के राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। विजय ने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माकपा (सीपीआईएम) के समर्थन पत्र सौंपे। हालांकि, अहम सहयोगी माने जा रहे वीसीके और आईयूएमएल ने अब तक लिखित समर्थन नहीं दिया है। राजभवन के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि बिना कागजी बहुमत के शपथ ग्रहण संभव नहीं है।
बहुमत के जादुई आंकड़े का गणित
23 अप्रैल को आए चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। बहुमत के लिए 118 विधायकों का साथ जरूरी है। फिलहाल विजय के पास केवल 116 विधायकों का लिखित समर्थन है। राज्यपाल ने दो टूक कहा है कि जब तक 118 का आंकड़ा पार नहीं होता, शनिवार या रविवार को शपथ ग्रहण नहीं होगा। अब विजय की टीम अन्य छोटे दलों को साधने में जुट गई है। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी बातचीत तेज होने के बीच विजय की पार्टी टीवीके ने थोल थिरुमावलवन और वीसीके का समर्थन हासिल करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। थिरुमावलवन के आवास पहुंचीं टीवीके की राज्य महिला विंग की समन्वयक डॉ. स्पूर्ति अरुण ने कहा कि दोनों दल सामाजिक न्याय और अंबेडकरवादी राजनीति जैसी समान विचारधारा साझा करते हैं।
विधायक लापता और हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप
इसी बीच एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनकरण ने एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने राज्यपाल से मिलकर शिकायत की कि उनका एकमात्र विधायक कामराज लापता है। दिनकरण ने आशंका जताई कि टीवीके हॉर्स ट्रेडिंग यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है। उन्होंने कहा कि कामराज पुदुचेरी में एआईएडीएमके विधायकों के साथ थे, लेकिन अब उनका फोन बंद है और वे मिल नहीं रहे हैं। विजय के साथ राजभवन में एन आनंद और केए सेंगोट्टायन जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे। फिल्म निर्माता वेंकट के नारायण भी उनके साथ देखे गए। हालांकि शुक्रवार की मुलाकात पिछली बैठकों के मुकाबले काफी सौहार्दपूर्ण रही, लेकिन संविधानिक संकट बरकरार है। दूसरी ओर, एआईएडीएमके ने भी सरकार बनाने के अपने अधिकार का दावा ठोंक दिया है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं।
राज्यपाल ने फिर कहा- 118 विधायकों का समर्थन लाइए
तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है। लोक भवन सूत्रों के मुताबिक, टीवीके प्रमुख थलपति विजय ने सरकार बनाने के समर्थन में शुरुआत में 117 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को सौंपा था। इसमें कांग्रेस, वाम दलों और एएमएमके के एक विधायक का समर्थन शामिल बताया गया। हालांकि बाद में एएमएमके के एकमात्र विधायक एस कामराज ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित तौर पर कहा कि समर्थन पत्र पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। वहीं  थोल थिरुमावालावन की पार्टी वीसीके की ओर से भी कोई औपचारिक समर्थन पत्र नहीं मिला। इसके बाद विजय के समर्थन का आंकड़ा घटकर 116 पर पहुंच गया।सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से कहा है कि तत्काल शपथ ग्रहण के लिए उन्हें 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षर लेकर फिर से आना होगा।

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