
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि का विभाजन करने और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का नाम हटाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया है। उन्होंने कहा कि विभाजन का असली मकसद विवि की बेहतरी के लिए नहीं, बल्कि केवल राजीव गांधी का नाम मिटाने का है। इसीलिए भाजपा सरकार राजीव गांधी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का प्रपंच रच रही है।
