
बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल में एक आदिवासी युवक की रहस्यमयी मौत के मामले में हाईकोर्ट ने एसआईटी द्वारा दी गई क्लोजर रिपोर्ट निरस्त करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है। जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए कहा- भले ही निचली अदालत का फैसला मृतक की पत्नी के पक्ष में रहा हो, लेकिन उसको सुनवाई का मौका दिए बिना कोर्ट किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकती। अपने फैसले में अदालत ने कहा- न्याय केवल फैसले में नहीं, बल्कि प्रक्रिया में भी दिखना चाहिए। रेवा आदिवासी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसके पति नीलेश से सत्तारूढ़ दल के विधायक भूपेन्द्र सिंह के लोगों ने गोविन्द सिंह राजपूत (मलथौन) के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में नीलेश ने साजिश का खुलासा कर-के न सिर्फ शपथ पत्र दिया, बल्कि वीडियो बनाकर अपना बयान सार्वजनिक भी किया। नीलेश का बाद में अपहरण करके प्रताडि़त भी किया गया। इसी बीच 25 जुलाई 2025 को उसक मौत हो गई।
