
बिच्छू डॉट कॉम। लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में पिछले सवा सौ साल से रखी वाग्देवी (मां सरस्वती) की बहुचर्चित प्रतिमा भारत लाए जाने की उम्मीदें बढ़ी हैं। भोजशाला (धार) की इस ऐतिहासिक प्रतिमा की चर्चा भोपाल में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन में भी प्रमुखता से हुई है। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि राजनयिक और संग्रहालय स्तर पर भारत सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। माना जा रहा है कि जल्दी ही इस संबंध में निर्णय सामने आएगा। ब्रिटेन की अदालत में इस मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी केस भी लड़ चुके हैं। उस वक्त म्यूजियम की ओर से कहा गया था कि इस संबंध में औपचारिक दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद प्रतिमा वापसी पर विचार होगा। चार साल पहले ब्रिटेन में भारतवंशी ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद वाग्देवी की प्रतिमा लौटाने को लेकर आरएसएस से जुड़े हिंदू जागरण मंच सहित अनेक संगठनों ने यह मुहिम तेज कर दी थी। भोपाल में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन में संस्कृति मंत्रियों की बैठक में भारत की सांस्कृतिक धरोहरों को वापस लाने का विषय उठाया गया। 11वीं सदी की वाग्देवी (मां सरस्वती) की दुर्लभ प्रतिमा को 1909 में अंग्रेजों द्वारा लंदन ले जाई गई थी। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के प्रतिवेदनों पर विचार करने को कहा, प्रतिमा वापसी का सीधा आदेश नहीं दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने ब्रिटिश म्यूजियम के साथ राजनयिक माध्यम से पत्राचार तेज कर दिया है।
