
बिच्छू डॉट कॉम। न्याय में विलंब, वास्तव में अन्याय है विधि क्षेत्र की यह प्रचलित सूक्ति मप्र हाईकोर्ट की मौजूदा स्थिति पर सटीक बैठती है। हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला 27 जून को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अगले 14 माह में 5 जजों के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायिक व्यवस्था पर दबाव और बढ़ जाएगा। यदि जल्द नई नियुक्तियां नहीं की गईं, तो लंबित मामलों की संख्या में बड़ा उछाल आ सकता है। बता दें, मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर खंडपीठों में वर्तमान में लगभग 4.90 लाख मामले लंबित हैं। इनमें करीब 1.40 लाख मामले ऐसे हैं, जो 10 वर्ष से अधिक समय से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
