– मध्य प्रदेश के 13 जिलों में खरीदी और परिवहन के खेल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम । किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं गोदामों में पहुंचने से पहले ही गायब हो गया। मध्य प्रदेश के 13 जिलों से सात हजार 168 टन गेहूं के गायब होने की प्रारंभिक सूचना आई है। 2625 रुपये प्रति क्विटल की दर से इसकी कीमत 18 करोड़ 82 लाख रुपये होती है। मामला सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है।सागर में ही 1166 टन गेहूं का घपलाखाद्य विभाग के संयुक्त संचालक एचएस परमार सागर मंगलवार को पहुंचे और स्थानीय अधिकारियों के साथ जाकर विभिन्न वेयर हाउसों का रिकॉर्ड देखा। बताया गया कि सागर में ही 1166 टन गेहूं खरीदी के बाद वेयर हाउस नहीं पहुंचा है। स्थानीय अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि खरीदी और परिवहन के दौरान यह गेहूं गायब हुआ है। फिलहाल जांच एजेंसियां खरीदी केंद्रों, परिवहन रिकॉर्ड और वेयरहाउस में जमा स्टाक का मिलान कर रही हैं। बता दें सागर में ही पिछले महीने गेहूं में 40-50 प्रतिशत तक मिट्टी मिलाकर गोदामों में जमा कराने का मामला सामने आया था।इन जिलों में गायब है गेहूंजबलपुर – 1433 टनसागर – 1166 टननरसिंहपुर – 804 टनविदिशा – 694 टनसतना – 551 टनआगर मालवा – 518 टनउज्जैन – 396 टन राजगढ़ – 330 टनशाजापुर – 330 टनरीवा – 308 टनरायसेन – 253 टनसिवनी – 220 टनअशोकनगर – 165 टन
