सचिव स्तर के आईएएस होंगे आयुक्त, 500 पद होंगे सृजित

मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का प्रशासनिक ढांचा तैयार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की अधिसूचना जारी होने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) के गठन की दिशा में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्राधिकरण का विस्तृत प्रशासनिक ढांचा तैयार कर लिया है, जिसमें करीब 500 पदों का प्रावधान किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री के पास भेजा गया है।विभाग के अनुसार यह मॉडल प्रशासनिक संरचना भविष्य में प्रदेश के सभी प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में लागू की जाएगी, जिससे सभी प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था एक समान रहे। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार प्राधिकरण का सर्वोच्च पद आयुक्त का होगा, जिस पर सचिव (सेक्रेटरी) स्तर के आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। करीब 500 पदों पर आवश्यकता के अनुसार सीधी भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और आउटसोर्सिंग के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि प्रशासनिक और तकनीकी दोनों क्षेत्रों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।कई महत्वपूर्ण शाखाएं होंगी गठितप्राधिकरण के अंतर्गत कई प्रमुख शाखाओं का गठन प्रस्तावित है, जिनमें प्रशासनिक शाखा, वित्त एवं लेखा शाखा, तकनीकी शाखा, नियोजन शाखा और  भूमि प्रबंधन एवं परियोजना इकाइयां शामिल हैं। प्रत्येक शाखा के लिए अलग अधिकारी एवं कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि शहरी नियोजन, आधारभूत संरचना, वित्तीय प्रबंधन और विकास परियोजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।क्षेत्रीय विकास का होगा समन्वयमहानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों का समेकित और नियोजित विकास करना है। इसके माध्यम से महानगर क्षेत्र में आने वाले नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्राधिकरण सड़क, सार्वजनिक परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास, औद्योगिक विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी संभालेगा।मंजूरी के बाद शुरू होगी भर्तीसरकार पहले ही भोपाल और उज्जैन-इंदौर महानगर क्षेत्रों की सीमाएं अधिसूचित कर चुकी है। अब प्रशासनिक ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्री स्तर से मंजूरी मिलने के बाद पदों के सृजन, भर्ती प्रक्रिया और प्राधिकरण के संचालन की औपचारिक कार्रवाई शुरू होगी।उज्जैन-इंदौर महानगर क्षेत्र भोपाल से 4 हजार वर्ग किमी बड़ाभोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का क्षेत्रफल 12,095 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों के 2,510 गांव शामिल हैं। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया का क्षेत्रफल 16,000.87 वर्ग किलोमीटर है, जो भोपाल क्षेत्र से लगभग 4,000 वर्ग किलोमीटर अधिक है। इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों की 38 तहसीलों के 2,781 गांव शामिल किए गए हैं।2025 में मिला था कानूनी आधारएमपी मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-2025 को राज्य मंत्रिमंडल ने 20 मई 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद 5 अगस्त 2025 को विधानसभा के मानसून सत्र में संबंधित विधेयक पारित हुआ। सरकार की योजना भोपाल और इंदौर से शुरुआत कर आगे ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की है।

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