
- घोषणा अब तक नहीं ले सकी कानूनी रूप
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। दो से अधिक संतान होने पर सरकारी नौकरी और पदोन्नति में लागू प्रतिबंध से राहत देने राज्य सरकार का प्रस्ताव अब तक अधर में है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। जानकारों के अनुसार, सरकार इस प्रस्ताव के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का परीक्षण करा रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने इसी साल जून में सरकारी नौकरियों और पदोन्नति में पात्रता के लिए दो बच्चों की निर्धारित पाबंदी को शिथिल करने की घोषणा की थी। इसके तहत दो से अधिक संतान वाले अभ्यर्थियों और कर्मचारियों को भी नौकरी तथा पदोन्नति में लगी पाबंदी से राहत मिलनी थी। हालांकि मुख्यमंत्री की घोषणा अब तक कानूनी प्रावधान का रूप नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद भी दों बच्चों के नियम फाइलों में उलझ गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग पांच माह बीत जाने के बाद भी इस संबंध में आदेश जारी नहीं कर पाया है। इधर सरकार व प्रशासन के बीच, बने असमंजस को देखते हुए कर्मचारी भी इस बंधन से मुक्ति की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब जन प्रतिनिधियों के मामले में सरकार छूट दे रही है, तब छोटे कर्मचारियों पर यह बंधनकारी क्यों है। दरअसल मुख्यमंत्री ने बीते जूम माह को निर्देश दिया था कि 2001 से चला आ रहा वह प्रावधान, जिसमें 26 जनवरी 2001 के बोर तीसरा बच्चा होने पर सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाता था, तुरंत हटाया जाए। लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग ने 6 जून को जारी ड्राफ्ट में फिर से वही शर्त जोड़ दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताई थी।
