
- निकाय और पंचायत चुनाव में जुटी भाजपा
पाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में भाजपा एक बार फिर से चुनावी मोड में आ गई है। पार्टी आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। भाजपा ने संगठन को मजबूत करने के लिए 1500 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं को पद देने की योजना तैयार की है। यह कदम कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां देकर संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखने और ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उठाया जा रहा है। प्रदेश कार्य समिति, जिला स्तर, निगम-मंडल, और विभिन्न प्रकोष्ठों में रिक्त पदों पर कार्यकर्ताओं का समायोजन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पार्टी का उद्देश्य निकाय और पंचायत चुनावों में जीत हासिल कर 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत जमीन तैयार करना है। कार्यकर्ताओं को बूथ जीतो-चुनाव जीतो का मंत्र दिया जा रहा है और बूथ प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर है। संगठन में युवा, महिला, और अन्य वर्गों को नए चेहरों के रूप में अवसर दिए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि नगर निगमों में होने वाली नियुक्तियां आगामी चुनावी समीकरणों को सीधे प्रभावित कर सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एल्डरमैन की नियुक्ति केवल संगठन विस्तार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर प्रभावी नेतृत्व तैयार करने की रणनीति का हिस्सा भी है। मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति आमतौर पर प्रशासनिक अनुभव और नगर पालिका अधिनियम की समझ के आधार पर की जाती है। हालांकि ये मनोनीत सदस्य परिषद की बैठकों में सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं, लेकिन इन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं होता।
सत्ता-संगठन में हो चुकी है चर्चा
मप्र में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक और संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी अब एल्डरमैन नियुक्तियों को प्राथमिकता देते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में अगले कुछ दिनों के भीतर करीब 1500 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर नियुक्त करने की तैयारी है। इस रणनीति के तहत 200 से अधिक नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे, वहीं 500 से अधिक सरकारी कॉलेजों की जनभागीदारी समितियों में भी नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इन नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच अंतिम दौर की बैठक भी हो चुकी है, जिससे संकेत मिलते हैं कि प्रक्रिया जल्द ही जमीन पर दिखाई देगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल 768 एल्डरमैन की नियुक्ति की जा चुकी है। इनमें 123 नगर परिषदों में चार-चार और 46 नगर पालिकाओं में छह-छह एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। हालांकि, अभी नगर निगमों में एल्डरमैन नियुक्ति लंबित है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बीच, संगठन ने नियुक्तियों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। संभाग प्रभारियों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी स्थिति में विवादित चेहरों को नियुक्ति सूची में शामिल न किया जाए। पार्टी का मानना है कि विवादित नियुक्तियां उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। दरअसल, हाल के दिनों में जिला कार्यकारिणी की कुछ नियुक्तियों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी, जिसके बाद पार्टी को कुछ फैसले वापस भी लेने पड़े थे। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार चयन प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
निगम मंडलों में भी तैयारी
उधर, निगम- मंडलों में नियुक्तियों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, संभावित नामों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है और कुछ निगम-मंडलों में जल्द नियुक्तियां की जा सकती हैं। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। बैठक में नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नगरीय निकाय और आगामी विधानसभा चुनावों में अब अधिक समय शेष नहीं है, ऐसे में कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को लंबे समय तक प्रतीक्षा में रखना उचित नहीं होगा। कुल मिलाकर, भाजपा प्रदेश में संगठन और सरकार के समन्वय से बड़े पैमाने पर नियुक्तियों के जरिए चुनावी तैयारी को धार देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों का सीधा असर स्थानीय राजनीति और चुनावी समीकरणों पर देखने को मिल सकता है।
