- दिल्ली दौड़ से तेज हुई सियासी हलचल, पांच नाम चर्चा में

गौरव चौहान
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के गठन की आहट के साथ मध्यप्रदेश की सियासत में दिल्ली की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में डेरा डालकर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातें तेज कर दी हैं। इन मुलाकातों को अब केवल शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संगठन में संभावित जिम्मेदारियों के लिए लॉबिंग के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम का ऐलान मानसून सत्र के बाद कर सकते हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश से किन चेहरों को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलती है, इसे लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज हैं। खास बात यह है कि संभावित नामों में सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे नेताओं से लेकर संगठन और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय नेताओं तक के नाम शामिल हैं।
मध्यप्रदेश से जिन नेताओं के नाम राष्ट्रीय टीम के लिए चर्चा में हैं, उनमें वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, युवा नेता गौरव तिवारी और विधायक अभिलाष पांडे के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और भोपाल की भक्ति शर्मा में से किसी एक को भी राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलने की संभावना की चर्चा है। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने राष्ट्रीय टीम के लिए 15 नेताओं के नाम दिल्ली भेजे हैं। ये नाम अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सुझाए गए हैं। हालांकि इनमें से कई नेता फिलहाल सत्ता या संगठन के किसी बड़े पद पर नहीं हैं। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी देकर उन्हें नई भूमिका देने की संभावना भी देखी जा रही है।
दिल्ली दौड़ में बढ़ी तेजी
राष्ट्रीय टीम के गठन से पहले प्रदेश के नेताओं की दिल्ली में सक्रियता ने सियासी समीकरणों को गरमा दिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। भोपाल लौटने के बाद उन्होंने दतिया उपचुनाव के प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी को पार्टी मुख्यालय बुलाकर बंद कमरे में चर्चा की। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य नेता दिल्ली पहुंच कर केंद्रीय नेतृत्व और संगठन से जुड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी दिल्ली पहुंच कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब आधे घंटे मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की। तोमर का प्रधानमंत्री से मिलना औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन राष्ट्रीय संगठन में संभावित फेरबदल के बीच इस मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
कुछ पुराने चेहरों की हो सकती है विदाई
राष्ट्रीय टीम में नए चेहरों को शामिल करने के साथ भाजपा कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियों से मुक्त कर सकती है। मध्य प्रदेश से संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धुर्वे और एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य को नई टीम में अलग भूमिका मिलने या संगठन से विदाई होने की अटकलें हैं। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि राष्ट्रीय संगठन में बदलाव के साथ कुछ नेताओं को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर नई भूमिका दी जा सकती है।
कैलाश विजयवर्गीय का नाम सबसे मजबूत
मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में सबसे मजबूत दावेदारों में कैलाश विजयवर्गीय का नाम माना जा रहा है। विजयवर्गीय भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्हें संसदीय बोर्ड या राष्ट्रीय संगठन में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। हालांकि वे फिलहाल प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं, इसलिए उनकी नई भूमिका को लेकर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति पर भी नजर
राष्ट्रीय टीम के साथ मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में भी लंबे समय से खाली पड़े प्रदेश संगठन महामंत्री के पद को लेकर गतिविधियां तेज हैं। चित्रकूट में चल रही संघ और भाजपा की समन्वय बैठक को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि बैठक में प्रदेश को नया संगठन महामंत्री देने पर सहमति बन सकती है। राष्ट्रीय संगठन में बदलाव और प्रदेश संगठन में नई नियुक्ति एक साथ होने से मध्यप्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव की जमीन तैयार हो सकती है। अब निगाह इस बात पर है कि दिल्ली में चल रही नेताओं की सक्रियता का नतीजा राष्ट्रीय टीम में किन चेहरों के रूप में सामने आता है और मध्यप्रदेश के हिस्से में कितनी अहम जिम्मेदारियां आती हैं।
