छात्राओं को नहीं पता, सरकार हर साल खाते में भेज रही 300 रुपए

राशि
  • कई ग्रामीण स्कूलों में तो शिक्षक भी इस योजना से अनभिज्ञ हैं

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में कक्षा 7 से 12वीं तक की छात्राओं को मासिक स्वच्छता और सैनिटरी पैड खरीदने के लिए सरकार हर वर्ष 300 रुपये की सहायता राशि देती है। यह राशि सीधे छात्राओं के बैंक खाते में भेजी जाती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बड़ी संख्या में छात्राओं को इसकी जानकारी ही नहीं है। कई ग्रामीण स्कूलों में तो शिक्षक भी इस योजना से अनभिज्ञ हैं, जिससे इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों में पढऩे वाली पात्र छात्राओं को यह राशि प्रतिवर्ष दी जाती है ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल या बाजार से सैनिटरी पैड खरीद सकें, लेकिन जागरूकता के अभाव में अधिकांश छात्राओं को यह भी पता नहीं चल पाता कि उनके खाते में आए 300 रुपए किस उद्देश्य से भेजे गए हैं। पहले स्कूलों को इस उद्देश्य के लिए अलग से राशि उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए राशि सीधे छात्राओं के बैंक खातों में भेजने का निर्णय लिया।
गांवों में जानकारी का अभाव
शहरी क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षिकाएं और स्वयंसेवी संस्थाएं मासिक स्वच्छता को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाती हैं। वे छात्राओं और उनके अभिभावकों को यह भी बताती हैं कि सरकार की ओर से मिलने वाले 300 रुपये सैनिटरी पैड और स्वच्छता संबंधी जरूरतों के लिए हैं। भोपाल सहित कई बड़े कन्या विद्यालयों में छात्राएं स्कूल परिसर में लगी सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन से पांच रुपए का सिक्का डालकर पैड भी प्राप्त कर रही हैं। इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अलग है।

Related Articles