
- 4,719 करोड़ से जल, सीवरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
- सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन लाएगा टेंपल बॉन्ड
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश के छह प्रमुख शहरों में शहरी विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत 4,719.62 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू होने जा रहा है। इस राशि से जलापूर्ति, सीवरेज, आधुनिक शहरी परिवहन, ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार किया जाएगा। साथ ही अमृत-2 योजना के अधूरे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जाएंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की योजना के तहत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और उज्जैन को प्राथमिकता दी गई है। परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर भारत सरकार को भेजी जाएगी।
यूसीएफ मॉडल में परियोजनाओं की लागत का 25 प्रतिशत केंद्र सरकार, 50 प्रतिशत संबंधित नगर निगम और शेष 25 प्रतिशत बैंक ऋण, म्युनिसिपल बॉन्ड या अन्य बाजार स्रोतों से जुटाया जाएगा। इस मॉडल का उद्देश्य नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाते हुए बड़े पैमाने पर शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
इंदौर में जल और सीवरेज पर बड़ा निवेश
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 907.74 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसमें 226.94 करोड़ रुपये यूसीएफ से प्राप्त होंगे। इसके अलावा 208 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना पर भी काम प्रस्तावित है, जिसमें 52 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। इस परियोजना की डीपीआर अंतिम चरण में है।
ग्वालियर को सबसे बड़ा जलापूर्ति पैकेज
ग्वालियर में 1,151.38 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना प्रस्तावित है, जिसके लिए 287.85 करोड़ रुपये यूसीएफ से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ 700 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना भी प्रस्तावित है, जिसमें 195 करोड़ रुपये यूसीएफ से दिए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है।
जबलपुर, छिंदवाड़ा और रीवा को भी मिलेगा लाभ
जबलपुर में 328 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना के लिए 82 करोड़ रुपये तथा 20 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। छिंदवाड़ा में 65 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना के लिए 16.38 करोड़ रुपये तथा रीवा में 99.86 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के लिए 24.87 करोड़ रुपये यूसीएफ से स्वीकृत किए जाएंगे।
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में 1,100 करोड़ रुपये की शहर एवं मंदिर विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें 275 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। इसके अलावा 159 करोड़ रुपये की नदी एवं उपचारित जल परियोजना के लिए 39.75 करोड़ रुपये यूसीएफ से उपलब्ध कराए जाएंगे।
पहली बार जारी होगा टेंपल बॉन्ड
सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों के लिए उज्जैन नगर निगम पहली बार टेंपल बॉन्ड जारी करेगा। इसके माध्यम से करीब 1,100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इस राशि का उपयोग मंदिरों के विकास, सडक़ निर्माण, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। निवेशकों को निश्चित ब्याज दिया जाएगा, जबकि बॉन्ड से जुड़ी वित्तीय जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्राधिकरण निभाएगा। बॉन्ड का भुगतान मंदिर परिसरों की व्यावसायिक गतिविधियों, दुकानों के मुद्रीकरण, पार्किंग शुल्क, प्रवेश एवं दर्शन शुल्क, विज्ञापन आय, व्यावसायिक परिसंपत्तियों और मंदिरों में मिलने वाले दान-चढ़ावे से प्राप्त राजस्व के माध्यम से किया जाएगा। सरकार की योजना के अनुसार 15 जुलाई तक बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन मंदिरों और परियोजनाओं पर होगा निवेश
टेंपल बॉन्ड और यूसीएफ से जुटाई गई राशि से प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास किया जाएगा। सांदीपनि आश्रम में 130 करोड़, मंगलनाथ मंदिर में 120 करोड़, कालभैरव एवं अंगारेश्वर महादेव मंदिर में 100 करोड़, मां बगलामुखी मंदिर में 90 करोड़, भूखी माता मंदिर में 80 करोड़, गढक़ालिका मंदिर में 15 करोड़, सिद्धवट 15 करोड़ और एकता मॉल एवं विराट रूप परियोजना में 220 करोड़ रूपए निवेश प्रस्तावित है।
शहरी विकास और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आधार
राज्य सरकार का मानना है कि अर्बन चैलेंज फंड और टेंपल बॉन्ड जैसे वित्तीय मॉडल न केवल शहरी अधोसंरचना को मजबूत करेंगे, बल्कि धार्मिक पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगे। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में इन परियोजनाओं के पूरा होने से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी।
