ऑफलाइन परीक्षा कराने से ईएसबी का इनकार

ईएसबी का इनकार
  • एमपी में ऑफलाइन टीईटी पर फिर फंसा पेंच: डेढ़ लाख शिक्षकों में बढ़ी बेचैनी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी को लेकर एक बार फिर स्थिति बदल गई है। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीईटी को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने की घोषणा की थी।इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव भेजा था। अब ईएसबी ने विभाग को जवाब देते हुए साफ कर दिया है कि वह ऑफलाइन परीक्षा कराने की स्थिति में नहीं है।
सात साल से सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा करा रहा ईएसबी: ईएसबी ने अपने जवाब में बताया है कि मंडल पिछले करीब सात वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ऑफलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था बंद की जा चुकी है।ऐसे में यदि टीईटी को ऑफलाइन मोड में आयोजित करना है तो किसी दूसरी एजेंसी का चयन करना होगा। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसी दिशा में आगे बढऩे की तैयारी कर रहा है।
नई एजेंसी तय करेगी परीक्षा की तारीख: ईएसबी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए पहले 12 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की थी। लेकिन ऑफलाइन परीक्षा के लिए नई एजेंसी का चयन होने की स्थिति में इस तारीख में बदलाव होना लगभग तय माना जा रहा है।अधिकारियों के मुताबिक आवेदन की संख्या फिलहाल कम है और सभी पात्र सेवारत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाना है। इसी वजह से परीक्षा नवंबर या दिसंबर 2026 में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
18 सितंबर तक बढ़ी आवेदन की तारीख
इस बीच ईएसबी ने टीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी है। फिलहाल आवेदन और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया ईएसबी के माध्यम से एमपी ऑनलाइन पर जारी है।अब एजेंसी बदलने की स्थिति में परीक्षा की व्यवस्थाओं में भी बदलाव हो सकता है। हालांकि, पहले से आवेदन कर चुके शिक्षकों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
करीब 12 हजार शिक्षकों ने किया आवेदन: अब तक करीब 12 हजार शिक्षकों के आवेदन करने की जानकारी सामने आई है। सरकार की ओर से ऑफलाइन परीक्षा को भी मंजूरी दिए जाने के बाद नई परीक्षा एजेंसी को व्यवस्था तैयार करनी होगी।विभाग का मानना है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और सभी पात्र शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के बाद ही परीक्षा की अंतिम तारीख तय की जाएगी।
क्या पीएससी को मिल सकती है जिम्मेदारी?
नई एजेंसी के चयन को लेकर विभागीय स्तर पर अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा की जिम्मेदारी देने का विकल्प भी शामिल है।हालांकि, एमपीपीएससी ने इससे पहले शिक्षकों की भर्ती या शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की है। इसलिए परीक्षा की जिम्मेदारी उसे दी जाएगी या किसी अन्य एजेंसी का चयन होगा, इसका अंतिम फैसला शासन स्तर पर होगा।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद होगा फैसला
परीक्षा के लिए नई एजेंसी का चयन करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा की जाएगी। फिलहाल आवेदन प्रक्रिया ईएसबी के जरिए जारी है और अभ्यर्थियों द्वारा जमा किया जा रहा शुल्क शासन के पास जमा हो रहा है।इसलिए जिन शिक्षकों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें एजेंसी बदलने की वजह से दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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