
- शादी-विवाह का सीजन आते ही ट्रेनों में हाल-बेहाल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। ट्रेन में स्लीपर कोच का हाल जनरल बोगी की तरह हो गया। पूरा डिब्बा यात्रियों से खचाखच भरा था। कंफर्म रिजर्वेशन लेकर आने वालों के पास केवल बैठने की जगह थी। बोगी के फर्श पर भी कई लोग बैठे थे तो किसी ने यहां बिछौना ही डाल लिया। यह स्थिति रविवार शाम संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन डा. आंबेडकर नगर प्रयागराज एक्सप्प्रेस में देखने को मिली। दरअसल, कंफर्म रिजर्वेशन के बाद भी मुसाफिरों की फजीहत हो रही है। रेल यात्रियों के अनुसार स्लीपर कोच में क्षमता से अधिक यात्री सवार हो रहे हैं। ऐसे में ट्रेन में भीड़ अधिक होने के चलते टॉयलेट तक नहीं जा पा रहे हैं। दरअसल, इन दिनों शादियों के सीजन के चलते ट्रेनों में भीड़ अधिक देखने को मिल रही हैं। पहले से रिजर्वेशन करा स्लीपर कोच के यात्रियों पर ये भारी पड़ रही है। रात के समय इन कोच क्षमता से अधिक मुसाफिर नजर आते है। अधिकांश जनरल टिकट लेकर भी स्लीपर में सवार हो जाते हैं।
ट्रेनों से स्लीपर हो रहे गायब
भारतीय रेल में लगातार स्लीपर कोच की संख्या पटाने और एसी कोच की संख्या बढ़ाने से कम आय वाले रेल यात्री परेशान है। क्योंकि एक तरफ स्लीपर कोच की संख्या घटने से उन्हें मजबूरन एसी टिकट लेना पड़ रहा है। वहीं टिकट कफर्म ना होने से स्लीपर कोच में बेदम करने वाली मीड़ देखी जा रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे ने एलएचबी रैक के ट्रेनों में स्लीपर कोचों की संख्या कम की जा रही है। स्लीपर कोच की कमी से स्लीपर की हालत सामान्य बोगी जैसी हो गई है। शादी की छुट्टी व समर सीजन के समय तो अत्यधिक मीड़ के कारण यात्री परेशान हो रहे हैं।
