जेन जी को साधने की रणनीति पर मंथन

  • छात्र संघ चुनाव से कांग्रेस को आंदोलन की उम्मीद

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
जंतर-मंतर पर सफल प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अब जेन जी को अपने साथ जोडऩे की रणनीति पर मंथन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में करीब दो घंटे तक इसी मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस रणनीति तय नहीं हो सकी। अंतत: जेन जी को कांग्रेस से जोडऩे के उपाय सुझाने के लिए जल्द एक समिति गठित करने पर सहमति बनी। पीएसी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने युवाओं के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत करने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की। इस दौरान छात्र संघ चुनाव को कांग्रेस के लिए बड़ा मुद्दा बनाने पर सभी नेताओं में सहमति बनी। तय किया गया कि कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। यदि सरकार अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का फैसला करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगी।
बैठक में युवा, महिला, किसान और पिछड़ा वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्रयागराज और कोटा की तर्ज पर जबलपुर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत बड़ा प्रदर्शन और कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक करीब पांच घंटे चली। इसमें लगभग आधा समय जेन जी को कांग्रेस से जोडऩे की रणनीति पर चर्चा में लगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व सांसद नकुल नाथ और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह सहित कुछ नेता बैठक में शामिल नहीं हो सके। दिग्विजय सिंह बाद में वर्चुअली बैठक से जुड़े, लेकिन इसकी व्यवस्था में करीब एक घंटा लग गया। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी छिंदवाड़ा से पहुंचने में देर से आए। उनके पहुंचने के बाद बैठक करीब एक घंटे और चली।
62 लाख से ज्यादा प्रकरण दर्ज होने का दावा
बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त रूप से मीडिया से चर्चा की। नेताओं ने कहा कि खाद संकट, उज्जैन में कथित भ्रष्टाचार, राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को लेकर कांग्रेस आंदोलन करेगी। पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में छोटी-छोटी धाराओं में 62 लाख से ज्यादा प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और छात्रों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले शामिल हैं। प्रदेश प्रभारी चौधरी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के चलते प्रदेशाध्यक्ष पटवारी और उनके परिवार के खिलाफ मामले दर्ज कर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
नई पीसीसी टीम और निकाय चुनाव की तैयारी
बैठक में प्रदेश कांग्रेस की नई टीम को जल्द अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश प्रभारी ने इसके लिए सभी वरिष्ठ नेताओं से नाम मांगे जाने की बात कही। अगले वर्ष होने वाले नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां भी अभी से शुरू करने पर सहमति बनी। सभी जिलों से संभावित प्रत्याशियों के चार से पांच नामों का पैनल बुलाया जाएगा। इसी पैनल में से प्रत्याशियों का चयन करने की योजना है। इसके अलावा भंग किए गए विभागों और प्रकोष्ठों के पुनर्गठन के लिए भी नेताओं और जिलाध्यक्षों से नाम मांगे जाएंगे। बैठक में राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया, सज्जन वर्मा, बाला बच्चन, विजयलक्ष्मी साधो, तरुण भनोट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामल, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा और विधायक फूल सिंह बरैया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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