- दतिया उपचुनाव: बूथ से लेकर दिग्गजों तक पूरी ताकत झोंकी
- गौरव चौहान

दतिया विधानसभा उपचुनाव अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। मतदान में महज चार दिन शेष हैं और भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हुए अपनी पूरी चुनावी मशीनरी मैदान में उतार दी है। प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह के नेतृत्व में पिछले दो सप्ताह से सौ से अधिक वरिष्ठ और युवा नेता दतिया में डेरा डाले हुए हैं। पार्टी का पूरा फोकस बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर है, ताकि अंतिम समय तक चुनावी बढ़त कायम रखी जा सके।
भाजपा ने इस बार चुनाव अभियान में माइक्रो मैनेजमेंट मॉडल अपनाया है। संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई माने जाने वाले शक्ति केंद्रों को चुनावी रणनीति का केंद्र बनाया गया है। प्रत्येक शक्ति केंद्र के लिए एक प्रभारी और एक संगठक नियुक्त किया गया है, जबकि एक शक्ति केंद्र के अंतर्गत चार से छह बूथ रखे गए हैं। यानी औसतन पांच बूथों की जिम्मेदारी दो अनुभवी नेताओं को सौंपी गई है। इन नेताओं का दायित्व केवल बूथ प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता संपर्क, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, मतदान दिवस की तैयारी और प्रत्येक बूथ पर अधिकतम मतदान सुनिश्चित करना भी है। भाजपा का मानना है कि विधानसभा चुनावों में अंतिम जीत का आधार बूथ स्तर की मजबूती ही होती है।
दिग्गज नेताओं की लगातार मौजूदगी
भाजपा ने चुनाव प्रचार को भी पूरी तरह हाई प्रोफाइल बना दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। वहीं शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया पहुंचकर कई जनसभाओं, रोड शो और व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, मंत्री और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी लगातार दतिया में बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं। पार्टी ने अंतिम चार दिनों के लिए अलग-अलग टीमों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंप दी हैं, ताकि कोई भी बूथ संगठनात्मक दृष्टि से कमजोर न रहे।
घर-घर संपर्क पर विशेष जोर
भाजपा का पूरा संगठन अभी डोर-टू-डोर संपर्क अभियान में जुटा हुआ है। कार्यकर्ता मतदाताओं तक सरकारी योजनाओं, स्थानीय विकास कार्यों और पार्टी की उपलब्धियों को पहुंचाने के साथ मतदान के दिन बूथ तक मतदाताओं को लाने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। पार्टी का मानना है कि अंतिम समय का व्यक्तिगत संपर्क चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
भाजपा को मिला राजनीतिक संबल
चुनाव प्रचार के बीच भाजपा को विपक्षी दलों से भी राजनीतिक बढ़त मिली है। शुक्रवार को दतिया चुनाव कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में बसपा के सेवढ़ा से पूर्व प्रत्याशी लाखन सिंह यादव सहित कांग्रेस और बसपा के कई जनप्रतिनिधियों एवं सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि दतिया की जनता विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति चाहती है तथा भाजपा सरकार ने इन तीनों मोर्चों पर काम किया है। पार्टी का दावा है कि नए नेताओं के शामिल होने से कई क्षेत्रों में उसका जनाधार और मजबूत होगा।
आज मुख्यमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दतिया विधानसभा क्षेत्र में कई चुनावी कार्यक्रमों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 2 बजे उदगवां में जनसभा करेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे सीतापुर मंडल के ग्राम उपरायं में विशाल आमसभा को संबोधित करेंगे। शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री दतिया चुनाव कार्यालय में आयोजित प्रबुद्धजन बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वे नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और अंत में व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
अंतिम चार दिन पर भाजपा की नजर
दतिया उपचुनाव में भाजपा की रणनीति साफ है—बड़े नेताओं की सभाओं के साथ बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखकर मतदान के दिन अधिकतम वोटिंग सुनिश्चित करना। पार्टी का मानना है कि यदि बूथ प्रबंधन प्रभावी रहा और कार्यकर्ता पूरी ताकत से मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने में सफल रहे, तो चुनावी मुकाबले में बढ़त बनाई जा सकती है। यही कारण है कि प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा ने अपने लगभग पूरे संगठनात्मक और राजनीतिक नेतृत्व को दतिया में सक्रिय कर दिया है।
