
- नाबालिगों में बढ़ती नशे की लत के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल में नाबालिगों और युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए जिला प्रशासन ने रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि इन उत्पादों का उपयोग चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के सेवन में किया जा रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत और उससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है।
सोशल मीडिया से मिली शिकायत
प्रशासन को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर में रोलिंग पेपर, स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल आसानी से उपलब्ध हैं। इन उत्पादों का प्रचार ऐसे किया जा रहा था मानो वे धूम्रपान को सुरक्षित या कम हानिकारक बनाते हों, जबकि इनमें कई हानिकारक रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं। आदेश में कहा गया है कि रोलिंग पेपर और संबंधित उत्पादों में ट्राइएथिलीन ग्लाइकोल, पोटैशियम नाइट्रेट, डाइऑक्सिन डाई, कैल्शियम कार्बोनेट और क्लोरीन ब्लीच जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। इनका उपयोग मानव स्वास्थ्य, विशेषकर फेफड़ों और श्वसन तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। पैकेट रोल को जलाने से डामर, बेंजीन, और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले) तत्व निकलते हैं। जो कैंसर का खतरा पैदा करते हैं। इसका उपयोग शरीर में फेफड़ों की कार्यप्रणाली को कम करता है। जिससे क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी सांस की बीमारियां होती हैं। पेपर और ग्लू में केमिकल: आपको बता दें कई रोलिंग पेपर और कोन को सफेद करने के लिए ब्लीच (क्लोरीन) का उपयोग होता है। इन्हें चिपकाने वाले गोंद में रसायन होते हैं जो जलने पर जहर छोड़ते हैं।
पान, किराना और चाय की दुकानों पर बिक्री पूरी तरह बंद
जिला प्रशासन ने भोपाल नगर क्षेत्र में पान की दुकानों, परचून/किराना दुकानों, चाय की दुकानों तथा अन्य आसानी से उपलब्ध स्थानों पर रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल की बिक्री को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि इन स्थानों पर उपलब्धता के कारण नाबालिगों और युवाओं तक इनकी पहुंच आसान हो रही थी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। समयाभाव और जनहित को देखते हुए इसे एकपक्षीय आदेश के रूप में जारी किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति, संस्था या पक्ष को इस आदेश में छूट या शिथिलता की मांग करने का अधिकार रहेगा, जिसके लिए वह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकेगा।
दो महीने तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन के अनुसार यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यदि इसे पहले वापस नहीं लिया गया तो आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसके किसी भी प्रावधान का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। प्रशासन ने सभी दुकानदारों और व्यापारियों से आदेश का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। रोलिंग पेपर, स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। वो इसलिए क्योंकि इनमें तंबाकू के अलावा कई जहरीले रसायन और एडिटिव्स होते हैं।
