एमपी कांग्रेस में नई जान फूंकेंगे राहुल गांधी

  • हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में अगले वर्ष नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ शुरू होने वाले चुनावी दौर को देखते हुए कांग्रेस संगठन को जमीन पर सक्रिय करने जा रही है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा से पिछडऩे के बाद पार्टी अब संगठन सृजन से आगे बढक़र सीधे मतदाता के घर तक पहुंचने की तैयारी में है। प्रदेशव्यापी संपर्क अभियान को इसी राजनीतिक रणनीति की अगली कड़ी माना जा रहा है।
कांग्रेस का अब बूथ से परिवार पर फोकस
प्रदेश में कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान चलाकर बूथ स्तर तक टीम खड़ी की। अब पार्टी की कोशिश इन टीमों को सक्रिय राजनीतिक नेटवर्क में बदलने की है। हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल सदस्यता या कार्यकर्ता संपर्क का कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि संभावित मतदाता आधार के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कवायद है। कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पार्टी के मुद्दे बताएंगे और स्थानीय समस्याओं का फीडबैक भी जुटाएंगे। अभियान में भाजपा सरकार को किसान, युवा, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग के मुद्दों को हवा देने का प्रयास करेगी।
चुनौती भी कम नहीं
भले ही संगठन को सशक्त करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के कई उपक्रम पार्टी द्वारा किए जा रहे हैं लेकिन चुनौती भी कम नहीं है। वरिष्ठ नेता या तो निष्क्रिय हैं या फिर अपने क्षेत्र तक सीमित रह गए हैं। हाल ही की समीक्षा में यह बात सामने आ चुकी है कि आधे से अधिक प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। जबकि, अधिकतर पदाधिकारी वरिष्ठ नेताओं के दबाव में बनाए गए थे। यही स्थिति विभागों और प्रकोष्ठों की भी रही। यही कारण है कि इन्हें भंग किया गया। कांग्रेस के पंचायत कांग्रेस कमेटी के देश के पहले पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा अब पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। इसके लिए अगले सितंबर में उज्जैन संभाग में पहली संभागीय बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उज्जैन संभाग के छह जिलों की 29 विधानसभा सीटों से जुड़े कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में आगर-मालवा, देवास, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों के जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए गठित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे।
राहुल गांधी के दौरे से होगी शुरुआत
सितंबर के अंतिम सप्ताह में राहुल गांधी के प्रस्तावित उज्जैन और रीवा दौरे से इसकी शुरुआत होगी। इसमें वे प्रदेश, जिला, ब्लॉक, विधानसभा और पंचायत स्तरीय इकाई के पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों की दिशा देंगे। उधर, संपर्क अभियान में ही प्रत्येक परिवार से 100-100 रुपये की सहयोग निधि ली जाएगी। पारदर्शिता के लिए इसकी रसीद संबंधित व्यक्ति को सहयोग के लिए धन्यवाद के साथ मिलेगी। पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन रखा जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।
100 रुपये की सहयोग निधि का सियासी संदेश
प्रत्येक परिवार से 100 रुपये की सहयोग निधि लेने का फैसला भी केवल आर्थिक संसाधन जुटाने तक सीमित नहीं है। कांग्रेस इसे पार्टी और आम परिवार के बीच प्रत्यक्ष जुड़ाव बनाने के प्रयोग के तौर पर देख रही है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि इससे यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस जनता के सहयोग से चलती है। राशि जिले में ही संगठन के प्रशिक्षण और सशक्तिकरण पर खर्च करने की योजना है। क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान और एसएमएस से पावती की व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता का संदेश देने की कोशिश है। राजनीतिक तौर पर यह मॉडल कार्यकर्ता और संभावित समर्थक के बीच व्यक्तिगत संपर्क को मजबूत कर सकता है।

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