नक्सल मुक्त होने के बाद 35 गांवों में मनेगा स्वतंत्रता दिवस समारोह

  • सरेंडर किए माओवादी पहली बार थामेंगे आजादी के पर्व पर तिरंगा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
लंबे समय तक हथियार उठाने के बाद सरेंडर कर चुके नक्सली एमपी में पहली बार तिरंगा थामेंगे। इस बार के आजादी के पर्व पर यह नजारा देखने को मिलेगा। इस दौरान प्रदेश में सरेंडर कर चुके 20 से अधिक नक्सली भी अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामेंगे। पीएचक्यू की एंटी नक्सल शाखा के एडीजी केपी वेंकटेश्वर राव के अनुसार, एमपी में पिछले साल सरेंडर करने वाले नक्सली पुनर्वास नीति के तहत अभी पुलिस सुरक्षा के बीच ही बालाघाट में रह रहे हैं और वे भी पहली बार आजादी के जश्न का हिस्सा बनेंगे। फिलहाल ये नक्सली बालाघाट के एक कैंप में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। इस कैंप में स्वतंत्रता दिवस पर खास आयोजन होगा, जिसमें पुलिस के अधिकारी भी शामिल होंगे।
35 गांवों में 35 साल बाद लहराएगा तिरंगा: आजादी के पर्व पर इस बार मंडला और बालाघाट के पहाड़ी और दुर्गम गांवों में भी नया नजारा देखने को मिलेगा। एमपी के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला अवसर होगा जब ग्रामीण हाथों में तिरंगा थामकर जन-गण-मन का गान करेंगे। दिसंबर 2025 में नक्सल मुक्त होने से पहले छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे एमपी के बालाघाट और मंडला को नक्सलियों का सेफ पैसेज माना जाता था। इस दौरान नक्सलियों ने यहां इतनी गहरी जड़ें जमा ली थी कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान नक्सलियों के खौफ से यहां के बाशिंदे न तो राष्ट्रीय पर्व मनाते थे और न ही तिरंगा फहराते थे। दोनों जिलों के कुल 35 गांव ऐसे थे, जहां लगभग 35 साल से न तो गणतंत्र दिवस समारोह मना और न ही स्वतंत्रता दिवस अब एमपी में नक्सली सफाए के बाद इन गांवों में आजादी का पर्व मनाने की तैयारी है।
13 नक्सलियों ने किया था अंतिम दौर में सरेंडर
1 नवंबर 2025 को 14 लाख की इनामी महिला नक्सली सुनीता ने सरेंडर किया था। इसके बाद 7 दिसंबर 2025 को कबीर उर्फ सुरेंद्र सोमा, राकेश ओडी उर्फ मनीष और अन्य 8 नक्सलियों ने भी हथियार डाले, जिनमें 4 महिलाएं शामिल थीं। ये सभी भोरमदेव एरिया कमेटी के सदस्य थे। इन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने बालाघाट में सरेंडर किया था। इसके बाद 11 दिसंबर 2025 को दीपक उर्फ सुधाकर और रोहित उर्फ मंगलू नाम के अंतिम दो हार्डकोर नक्सलियों ने बालाघाट में सीआरपीएफ कैंप पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इन सभी पर तीन करोड़ से अधिक का इनाम घोषित था।

Related Articles