टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा मप्र

  • ड्रोन से सेमीकंडक्टर तक होंगे तैयार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश में आधुनिक तकनीक के लिए इकोसिस्टम बनाने दो नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) विकसित किए जाएंगे। सेमीकंडक्टर और एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग एंड कॉमिक्स (एवीजीसी) के सीओई इंदौर और ग्वालियर में शुरू होंगे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए आईआईटी इंदौर की भी मदद ली जाएगी। इसके पहले आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलोजी का सीओई स्थापित करने की कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। एआइ का सीओई भी भोपाल में स्थापित किया जा रहा है। इन सीओई से नई तकनीकों के अनुसंधान और विकास में मदद मिलेगी और हर साल इन तकनीकों के लगभग 500 विशेषज्ञ तैयार होंगे। इसके साथ इससे संबंधित स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिलेगा।
तीन साल में तैयार होंगे 200 ड्रोन विशेषज्ञ
आईआईएसईआर भोपाल में तैयार हो रहे एआइ एनेबल्ड ड्रोन सीओई से अत्याधुनिक यूएवी लैब्स, सिमुलेशन एनवायरमेंट, स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम और रेडी टू सपोर्ट इंडस्ट्रीज के लिए तैयार किया जा रहा है। तीन वर्ष में यहां 200 से अधिक शोधकर्ता और प्रमाणित ड्रोन विशेषज्ञ तैयार होंगे। यह केंद्र 10 पेटेंट, 30 से अधिक शोध प्रकाशन और वाणिज्यिक तकनीकों के विकास पर काम कर रहा है।
150 सेमीकंडक्टर्स विशेषज्ञ भी मिलेंगे: अटल बिहारी वाजपेयी अखिल भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर में 14.67 करोड़ से सेमीकंडक्टर साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगी। अगले 5 वर्षों में यह केंद्र वीएलएसआई, आईओटी, ग्रीन चिप टेक्नोलॉजी और क्वांटम हार्डवेयर के क्षेत्र में अनुसंधान करेगा। इस केंद्र में प्रति वर्ष 150-200 सेमीकंडक्टर्स के विशेषज्ञ प्रोफेशनल्स तैयार होंगे। इन तकनीकों पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इनके उपकरणों के डिजाइन निर्माण, ऑटोमेशन प्रणाली, उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने बदलीं नीति
प्रवेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, आइटी, एवीजीसी-एक्सआर और स्पेस-टेक जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए सरकार द्वारा अलग-अलग नीतियां बनाई गई हैं। जुलाई में ही कैबिनेट ने आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी सीओई की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को 857 करोड़ रुपए दिए। अब विभाग ने इंदौर में एवीजीसी का सीओई का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा है। इसके साथ ग्वालियर और इंदौर में सेमीकंडक्टर के सीओई बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

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