
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत रविवार को कृषि महाविद्यालय परिसर में 15 हजार पौधों के रोपण कार्यक्रम में शामिल हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छात्र आंदोलन और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन उसमें मर्यादा और शालीनता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा और व्यवहार की सीमाएं नहीं टूटनी चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि भारत में बेटियों को सीता, गीता और सावित्री के रूप में सम्मान दिया जाता है। यदि कोई छात्रा सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करती है तो यह उचित नहीं माना जा सकता। असहमति, विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी अभिव्यक्ति गरिमापूर्ण होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि उन्होंने उस दौर में भी आंदोलन किए, जब उनकी पार्टी चुनाव में दीपक और हलधर किसान चुनाव चिन्ह पर लड़ती थी।
