मध्यप्रदेश पुलिस में 18 हजार नई भर्तियां होंगी

  • मुख्यमंत्री ने दिए कानून-व्यवस्था पर सख्ती के निर्देश

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार शाम पुलिस मुख्यालय का औचक दौरा कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में जल्द 18 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती किए जाने की घोषणा की और अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा तथा आगामी त्योहारों और राष्ट्रीय आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की मौजूदगी में पुलिस मुख्यालय की कार्यप्रणाली और हाल ही में चलाए गए पदोन्नति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को पूरा कर पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया गया है।
त्योहार और स्वतंत्रता दिवस पर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस समारोहों को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया।
यूसीसी और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जो
डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद कानून का उल्लंघन करने या उसके संबंध में भ्रामक प्रचार करने वालों पर नजर रखी जाए। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस को पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
पदोन्नति और रिक्त पद भरने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष अभियान के तहत हाल ही में करीब 25 हजार पदोन्नतियां आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक की गई हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में रिक्त पदों पर नियमित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के माध्यम से समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार कर बैकलॉग समाप्त करने और सभी स्वीकृत पदों को शीघ्र भरने को कहा।
विशेष पिछड़ी जनजातियों और जिला बैंड पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रत्येक जिले में पुलिस का अपना बैंड ग्रुप तैयार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश जिलों में इस दिशा में आवश्यक पदों की पूर्ति की जा चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है, इसलिए औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बलों में शामिल करने के लिए हर स्तर पर प्रभावी और परिणाम मुखी कार्य किया जाए।

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