शिक्षा, उद्योग और शहरी सुरक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी

  • निजी विश्वविद्यालय खोलना होगा आसान, उद्योगों को सिंगल विंडो मंजूरी और ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी होगी अनिवार्य

गौरव चौहान
मध्यप्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सरकार ने शिक्षा, उद्योग, श्रम और शहरी सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। इनमें सबसे बड़ा बदलाव निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए अब तक अनिवार्य 10 हेक्टेयर भूमि, 2500 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र और 5 करोड़ रुपए की न्यास निधि (एंडोमेंट फंड) की शर्त समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का दावा है कि इससे उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ेगा, जबकि विपक्ष इसे निजीकरण को बढ़ावा देने वाला कदम बता सकता है।
मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 के अनुसार अब निजी विश्वविद्यालयों के लिए भूमि और भवन का निर्धारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लागू विनियमों के अनुरूप होगा। यानी राज्य सरकार की तय न्यूनतम सीमा की जगह यूजीसी के मानक लागू होंगे। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपए की एंडोमेंट फंड की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि प्रत्येक निजी विश्वविद्यालय को अब नियामक आयोग को वार्षिक शुल्क देना होगा, जिसका निर्धारण और उपयोग राज्य सरकार के नियमों के अनुसार होगा। सरकार का तर्क है कि पुराने नियमों के कारण शुरुआती निवेश बहुत अधिक था, जिससे निजी निवेशक विश्वविद्यालय खोलने से पीछे हट रहे थे। नए प्रावधानों से उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और निवेश दोनों बढ़ेंगे।
श्रम कानून होंगे एकीकृत
सरकार ने मध्यप्रदेश श्रम संहिता, 2026 भी सदन में पेश की। इसका उद्देश्य विभिन्न श्रम कानूनों को एकीकृत कर उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल बनाना है। साथ ही श्रमिकों के अधिकार, कार्यस्थल की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को नए कानूनी ढांचे में व्यवस्थित किया जाएगा।
उद्योगों को सिंगल विंडो सिस्टम
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 के जरिए उद्योगों को विभिन्न विभागों से अलग-अलग अनुमति लेने की व्यवस्था खत्म कर एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे निवेशकों को एक ही प्लेटफार्म से सभी आवश्यक मंजूरियां मिल सकेगी और परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होगी।
15 मीटर से ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी अनिवार्य
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 पेश किया। इसके तहत 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, बड़े स्कूलों, छात्रावासों, अस्पतालों, मॉल और व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी के कड़े मानक लागू होंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान रहेगा। साथ ही फायर सेफ्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
पंढरपुर में बनेगा नया मप्र सदन
भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मध्य प्रदेश सदन की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन को आश्वस्त किया कि अगले वर्ष आषाढ़ माह तक श्रद्धालुओं के लिए नए भवन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अन्य विकास कार्य भी अगले एक वर्ष में पूरे किए जाएंगे।
सदन में प्रक्रिया को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदस्यों को बोलने का अवसर नहीं दिया जाता, जबकि भाजपा सदस्यों के मामलों में कार्यवाही आगे बढऩे के बाद भी चर्चा कराई जाती है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और राकेश सिंह ने आपत्ति जताई। विवाद कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल की अनुपस्थिति में उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा न होने को लेकर हुआ। कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने भी इस पर आपत्ति जताई, जबकि संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधानसभा की गाड़ी आगे बढ़ गई है, पीछे नहीं लौटेगी।

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