
प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधेयक में किए गए बदलाव का भाजपा से जुड़े छात्र अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध किया है। परिषद ने निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए विधेयक में जमीन को लेकर दी गई ढील को शिक्षा की गुणवत्ता के लिए नुकसानदायक बताया है। साथ ही इस विधेयक का हर स्तर पर दृढ़तापूर्वक विरोध करने का ऐलान किया है। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जगह यह विधेयक शिक्षा के बाजारीकरण और निजी व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने वाला है। आवश्यक मानकों में ढील देने से मनमानी, भ्रष्टाचार और पक्षपात की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
