
बिच्छू डॉट कॉम। वीर भारत न्यास को लेकर चल रहे विवाद के बीच संस्कृति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अप्रैल 2013 में स्थापित मध्यप्रदेश शासन का पूर्ण सार्वजनिक न्यास है। उज्जैन स्थित कोठी महल परिसर पूरी तरह शासकीय संपत्ति है। विभाग के अनुसार यह परिसर राजस्व विभाग ने विधिवत प्रक्रिया पूरी कर संस्कृति विभाग को न्यास के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया था। दावा-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, लेकिन कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसलिए इस संपत्ति में किसी निजी व्यक्ति का कोई अधिकार या हिस्सा नहीं है। अपर मुख्य सचिव, संस्कृति शिव शेखर शुक्ला का कहना है कि वीर भारत न्यास का उद्देश्य भारतीय सभ्यता, संस्कृति और इतिहास के विकासक्रम का अध्ययन, संरक्षण और प्रचार-प्रसार है। मुख्यमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष हैं, जबकि न्यासी सचिव संस्कृति विभाग के अधिकारी या क्षेत्र के विशेषज्ञ हो सकते हैं।
