
बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (एमपीईआरसी) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए विद्युत लोकपाल की नियुक्ति से जुड़े वर्ष 2021 के विनियमों में दूसरा संशोधन किया है। नए प्रावधान के तहत विद्युत लोकपाल को दिया जाने वाला निश्चित शुल्क, मानदेय आदि अब आयोग स्वयं तय करेगा। इसकी अधिसूचना जारी हो गई है। खास बात यह है कि आयोग ने पहले जारी किए गए एक अन्य संशोधन को निरस्त कर दिया है। उसमें वकीलों को विद्युत लोकपाल पद की पात्रता के दायरे से बाहर कर दिया गया था। अब यह बदलाव प्रभावी नहीं रहेगा। ऐसे में वकील भी विद्युत लोकपाल पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। करीब दो माह पहले आयोग ने संशोधन जारी किया था, जिसमें विद्युत लोकपाल पद के लिए अधिवक्ताओं को बाहर कर दिया गया था। हमारी आपत्ति के बाद संशोधन निरस्त हो गई है। मानदेय को लेकर की गई दूसरी आपत्ति को भी आयोग ने स्वीकार किया है।
