मोबाइल एप से हैक हो रहे चलते ई-रिक्शे

ई-रिक्शे
  • भोपाल-उज्जैन समेत कई शहरों में शिकायत

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। क्या कोई ऐसा मोबाइल एप्लिकेशन हो सकता है, जो चलते हुए ई-रिक्शे को रोक दे? पिछले कुछ दिनों से राजधानी भोपाल और आसपास के शहरों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सडक़ पर चल रहे ई-रिक्शे अचानक बंद होने की शिकायत मिली। इन घटनाओं की सच्चाई जानने के लिए भोपाल के व्यस्त बोर्ड आफिस चौराहे और लिंक रोड नंबर-1 पर पड़ताल की। इस दौरान साइबर एक्सपर्ट महेश श्रीवास्तव और एसआई महेश कुमार जगदेव भी मौजूद रहे। पड़ताल के दौरान दोपहर 12:41 बजे एक ई-रिक्शे की बैटरी से मोबाइल के जरिए कनेक्ट किया गया। इसके बाद रिक्शा बंद हो गया और कनेक्शन हटाने तक दोबारा चालू नहीं हुआ। इससे पता चला कि असुरक्षित बैटरी सिस्टम का गलत इस्तेमाल संभव है।
क्या हो सकते हैं खतरे
अगर चलते समय ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाए तो दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इससे चालक, सवारियों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। साथ ही ट्रैफिक जाम, आर्थिक नुकसान और तकनीक के गलत इस्तेमाल से रिक्शा चालकों को परेशान करने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सभी ई-रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) को पासवर्ड से सुरक्षित रखना जरूरी है। डीलर वाहन देने से पहले इसकी सुरक्षा जांच करें और पंजीकरण व फिटनेस के समय भी इसकी जांच हो। साथ ही समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट और सुरक्षा परीक्षण कराना आवश्यक है, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके।
घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा भी हुआ हैक
ई-रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ी भी हैक हो गई थी। उन्होंने गाड़ी चालू करने की कोशिश की, लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को बुलाया। दोस्त ने सिस्टम जांचकर गाड़ी दोबारा चालू कर दी। मुकेश ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। चालकों का कहना है कि ऐप के जरिए बैटरी लॉक होने से उनकी रोजी-रोटी और आमदनी प्रभावित हो रही है। बीच रास्ते में वाहन बंद होने से यात्रियों को भी दिक्कत हुई। घटना के बाद पुराने भोपाल के कई इलाकों में चालकों में नाराजगी रही और कुछ स्थानों पर विवाद भी हुआ। उन्होंने मामले की जांच कर तकनीकी गड़बड़ी या अनियमितता होने पर उसे तुरंत दूर करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
यह मोबाइल एप्लिकेशन मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) की निगरानी और संचालन के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से बैटरी का वोल्टेज, करंट, चार्जिंग प्रतिशत, तापमान और बैटरी की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी मिलती है। इसका उद्देश्य बैटरी को सुरक्षित रखना और ओवरहीटिंग या तकनीकी खराबी से बचाना है। हालांकि, समस्या तब पैदा होती है जब ई-रिक्शा की बैटरी का ब्लूटूथ आधारित बीएमएस बिना पासवर्ड या सुरक्षा सेटिंग के खुला छोड़ दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति नजदीक से बैटरी से कनेक्ट होकर उसके कुछ फंक्शन नियंत्रित कर सकता है। यही वजह है कि कुछ मामलों में ई-रिक्शे बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ई-रिक्शा चालकों का कंपनी पर वसूली का आरोप
चालकों का आरोप है कि बैटरी लॉक होने के बाद वाहन दोबारा चालू नहीं हो रहे थे। उन्हें अनलॉक कराने के लिए कंपनी के पास जाना पड़ा, जहां पैसे लिए गए। ई-रिक्शा चालक मोहम्मद अख्तर ने बताया कि उनका रिक्शा एक दिन में चार बार अचानक बंद हुआ। वह स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने का काम करते हैं, इसलिए इससे उनका काम प्रभावित हुआ। उनका आरोप है कि जिन्सी चौराहे स्थित कंपनी के कार्यालय में बैटरी अनलॉक कराने के लिए उनसे 400 रुपए लिए गए।

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