
- भोपाल में बीयू के कुलपति को छुट्टी पर भेजा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। एबीवीपी के निशाने पर आए बरकतउल्ला विवि के कुलगुरु डॉ. एसके जैन को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है। विवि में धारा 52 लगाकर कुलगुरु जैन को हटाने की मांग पर गुरुवार सुबह से परिषद द्वारा दिए जा रहे धरने में शुक्रवार शाम उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल हुए। छात्रों से चर्चा के बाद मंत्री ने कुलगुरु जैन से फोन पर बातचीत की।
इस बीच राजभवन से जैन के अवकाश मंजूरी का पत्र भी विवि पहुंच गया। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद कुलपति को हटाने का फैसला लिया जा सकता है। अभाविप की नाराजगी ने 36 घंटे के अंदर ही असर दिखा दिया। परिषद के कार्यकर्ता गुरुवार सुबह से वीसी कार्यालय के बाहर बेमियादी धरना दे रहे हैं। आधा सैकड़ा से ज्यादा कार्यकर्ता रात में भी धरने पर रहे और देर रात तक रकार व विवि प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए भजन गाते रहे। शुक्रवार सुबह से परिषद ने प्रदर्शन को उग्र रूप दे दिया था। प्रांत स्तर के पदाधिकारी भी धरने में शामिल हो गए थे। सूचना मिलते ही उच्च शिक्षा मंत्री शाम 7 बजे पहुंच गए। मंत्री के सामने परिषद कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु जैन पर मनमानी, निजी विश्वविद्यालयों व कालेजों से सांठगांठ व छात्र हितों से खिलवाड़ के आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग पुरजोर मांग की। परिषद कार्यकर्ताओं की मांग सुनने के बाद मंत्री परमार ने मंगलवार तक का समय मांगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंगलवार का कैबिनेट के बाद जल्द ही अच्छी सूचना मिल जाएगी। मगर प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कह दिया कि जब तक विश्वविद्यालय में धारा 52 लगाकर कुलगुरु को हटाया नहीं जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। हम लोग यहां से नहीं जाएंगे। छात्रों से चर्चा के बाद मंत्री परमार प्रभारी कुलगुरु डॉ. विवेक शर्मा, रजिस्ट्रार एसबी सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक लेने पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे तक मंत्री अंदर ही बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने राजभवन, मुख्यमंत्री सचिवालय, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी बात की।
पहले एक महीने फिर सितंबर तक छुट्टी
सूत्रों के मुताबिक राजभवन के अधिकारी और मंत्री परमार का स्टॉफ लगातार कुलगुरु जैन को फोन लगाता रहा, लेकिन उनका फोन बंद रहा। फिर उन्हें वाट्सएप के जरिए सूचना भेज दी गई। मंत्री परमार ने बैठक के बाद दोबारा प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आकर ऐलान किया कि फिलहाल कुलगुरु जैन 12 दिन की छुट्टी पर हैं। इसके बाद उन्हें एक माह का अवकाश दिया जाएगा। जैन को संदेश भिजवा दिया गया है कि अपने कार्यकाल के अंतिम दिन 16 सितंबर 2026 तक वे कार्यालय नहीं आएंगे। इस बीच इस्तीफा ले लिया जाएगा। प्रशासनिक प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए परिषद अपना आंदोलन भी समाप्त कर दे। मंत्री परमार से चर्चा के बाद परिषद के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने धरना समाप्ति की घोषणा कर दी। केतन का कहना है कि परिषद भी परिसर में निगरानी करेगी, यदि कुलगुरु जैन कहीं नजर आते हैं तो हम दोबारा धरना शुरू कर देंगे। मंत्री ने परमार ने कहाकि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद वे फिर बीयू परिसर में आएंगे। छात्रों ने जो समस्याएं बताई हैं, उनका समाधान कराने के लिए परिसर का निरीक्षण करेंगे।
