
- 60 दिनों की अस्थायी जमानत की राहत मांगी गई थी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की 60 दिन की अस्थायी जमानत याचिका खारिज कर दी है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है। इसके अलावा आरोपी की पत्नी की देखभाल के लिए परिवार और ससुराल पक्ष के सदस्य उपलब्ध हैं। पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की ओर से पत्नी की साइनस सर्जरी और इस दौरान नाबालिग बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए अस्थायी जमानत की मांग की गई थी। आवेदन में कहा गया था कि ऑपरेशन के दौरान पत्नी की देखभाल के लिए पति की उपस्थिति आवश्यक है। उनके बच्चे अबीर और सुवीर की उम्र क्रमश: 11 और 9 वर्ष है। दोनों बच्चे पूरी तरह अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। आवेदन में यह भी दावा किया गया था कि आवेदक और उसकी पत्नी के अलावा बच्चों की देखभाल के लिए परिवार में कोई अन्य जिम्मेदार सदस्य उपलब्ध नहीं है। इसी आधार पर 60 दिनों की अस्थायी जमानत की राहत मांगी गई थी।
कई रिश्तेदार और सहयोगी शामिल रहे
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अस्थायी जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कहा गया कि जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क में कई रिश्तेदार और सहयोगी शामिल रहे हैं। ऐसे में परिवार की देखभाल के लिए अन्य किसी व्यक्ति के उपलब्ध नहीं होने के दावे पर भी सवाल उठते हैं। एकलपीठ ने बुधवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
