सीबीआई के पास जाएगी गिरिबाला की केस डायरी

गिरिबाला
  • अभियोग पत्र जमा करने की तैयारियों में जुटी टीम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। अभिनेत्री व मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में अभियोग पत्र भोपाल न्यायालय में सौंपने से पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम निदेशक से उसे प्रस्तुत करने की अनुमति लेगी। दरअसल, इस प्रकरण को उच्चतम न्यायालय के संज्ञान और उच्च न्यायालय के दखल के चलते यह मामला तीन सप्ताह से काफी चर्चित है। जानकारी के अनुसार विशेष दल की तरफ से अभियोग पत्र के संबंध में भौतिक और पुख्ता साक्ष्य के साथ अभियोग पत्र बनाने का काम शुरू कर दिया। इसमें भोपाल और दिल्ली एम्स से आए दल के पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाया जा रहा है। अभियोग पत्र में पूर्व न्यायाधीश गिरिब्राला सिंह के निवास में हुए नाट्य रुपांतरण के संपूर्ण बिंदुओं को आधार बनाकर अपना अभिमत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो बनाने जा रहा है। सूत्रों की माने तो यह अभियोग पत्र जुलाई के दूसरे सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाएगा। जिसके बाद दिल्ली स्थित निदेशक कार्यालय में उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की अनुमति के लिए भेजा जाएगा। टीम अभियोग पत्र में ट्विशा से संबंधित सारे तथ्यों, मोबाइल चैटिंग ट्विशा और उसके पति समर्थ सिंह के बीच रिश्तों को लेकर भी तथ्य जुटा चुकी है। इसके अलावा माता-पिता के आरोपों को लेकर भी अभियोग पत्र में कई तथ्यों को शामिल किया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरों ने इस प्रकरण के 62 से अधिक गवाहों को अभियोग पत्र में अभी तक सूचित कर दिया है। जेल सूत्रों के अनुसार हर रविवार को ऐसे बंदी जिनके रिश्तेदार माता-पिता, भाई-बहन, या अन्य खून के रिश्ते रखने वाले परिजनों को हर रविवार जेल के भीतर एक-दूसरे से मुलाकात कराई जाती है। गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह 2 जून को जेल के भीतर दाखिल हुए थे। जिसके बाद पहला रविवार मां-बेटे के लिए आया।
निरीक्षण करने पहुंचे
इधर, दो दिन पहले जेल मुख्यालय से उप महानिरीक्षक संजय पांडे भोपाल केंद्रीय जेल पहुंचे। वे पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अतिविशिष्ट श्रेणी में रखकर सुविधाएं देने की भ्रामक जानकारियां सामने आ रही थी। इन बातों की हकीकत जानने के बाद उन्होंने अपनी एक गुप्त रिपोर्ट बनाकर महानिदेशक जेल को सौंप दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार पूर्व न्यायाधीश को महिला बार्ड के नई बैरक में रखा गया है। इसमें सजायाफ्ता और ऐसी विचाराधीन बंदी को रखा जाता है जो गर्भवती है या फिर उनके साथ बच्चे हैं। इसी तरह उनके बेटे समर्थ सिंह को चार नंबर वार्ड की नई बैरक में रखा गया है। यहां समर्थ सिंह को मिलाकर कुल सात बंदी हैं। छह बंदी जेल प्रबंधन के आदेश पर ही निगरानी और अन्य कार्य करते हैं। इनकी गतिविधियों पर निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरा भी लगा है।

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